फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संडे बाइस्कोप: गंगाघाट पर अभिनेत्री ने किया डांस और अमिताभ जया का हनीमून गिफ्ट समेत चार और फिल्में

विज्ञापन
1 of 7
बाइस्कोप में इन फिल्मों का जिक्र - फोटो : रोहित झा, अमर उजाला
सावन का आखिरी संडे भी आ गया और उम्मीद है कि आपका पिछला हफ्ता शानदार बीता होगा। अगर कुछ ऊंच नीच रह गई तो परेशान मत होइए क्योंकि अगर आपकी कहानी की हैप्पी एंडिंग नहीं हुई तो अभी एंडिंग होना बाकी है। जीवन भी कुछ कुछ सिनेमा जैसा ही है। कोई है जो हमारे आपके किरदारों की डोर थामे है। इंटरवल तक कहानी कैसी भी आड़ी तिरछे भागे लेकिन इंटरवल होते ही सब किरदार संभल जाते हैं और फिर चल पड़ते हैं उधर जहां उनको खुद जाना है। आप भी कोरोना काल को जीवन का इंटरवल समझिए, पढ़िए इन छह बेहतरीन हिंदी फिल्मों के दिलचस्प किस्सों के बारे में और नया हफ्ता शुरू कीजिए, बिल्कुल नए अंदाज और नए विचारों के साथ।
विज्ञापन

2 of 7
अभिमान - फोटो : रोहित झा, अमर उजाला
अमिताभ और जया जब बने ‘अमिया’
साल 1973 अमिताभ बच्चन और जया भादुड़ी के जीवन का रीति काल रहा है। दोनों की मोहब्बत भी जोरों पर थीं और दोनों के सितारे भी कम जोर पर नहीं थे। दोनों का विवाह इसी वर्ष तीन जून को हुआ। शादी से ठीक पहले दोनों की फिल्म ‘जंजीर’ सुपरहिट हुई। जया तो खैर तब तक खुद ही सुपरस्टार बन चुकी थीं। अमिताभ के लिए ‘जंजीर’ का हिट होना किसी ईश्वरीय आशीर्वाद से कम नहीं था और दोनों का विवाह तो खैर था ही ईश्वरीय आशीर्वाद। शादी के ठीक बाद रिलीज हुई फिल्म ‘अभिमान’ में अमिताभ की आभा और उनका रूप दर्शनीय था तो जया का लावण्य और मोहक चेहरा फिल्म का सबसे बड़ा आकर्षण बना। ‘

बाइस्कोप: पढ़िए आज ही के दिन रिलीज हुई फिल्म ‘अभिमान’ के 10 दिलचस्प किस्से, जानिए क्या है ‘अमिया’?
 
विज्ञापन

3 of 7
जमाना दीवाना - फोटो : अमर उजाला
काजोल की डेब्यू फिल्म से पहले की फिल्म
फिल्म ‘जमाना दीवाना’ का एक किस्सा काजोल को लेकर भी है। रमेश सिप्पी चाहते थे कि फिल्म ‘जमाना दीवाना’ शाहरुख खान और काजोल के साथ एनाउंस हो, ऐसा होता तो दोनों की जोड़ी की ये पहली घोषित फिल्म होती, लेकिन यहां फिल्म के संगीतकार नदीम श्रवण बताते हैं कि काजोल के नाम पर अड़ गए। उन दिनों के साजिदों की बातों को मानें तो नदीम श्रवण की काजोल से खुन्नस हो गई थी और उन्होंने साफ कह दिया कि अगर काजोल फिल्म में रहेंगी तो वे फिल्म छोड़ देंगे। रमेश सिप्पी की हालत उन दिनों ऐसी थी कि वह बस किसी तरह ये फिल्म शुरू कर देना चाहते थे और नदीम श्रवण का संगीत जिस हिसाब से बिक रहा था, वैसे में उन्हें वह छोड़ नहीं सकते थे।

बाइस्कोप: शाहरुख और काजोल की इस फिल्म में सबसे पहले बननी थी जोड़ी, फिर ऐसे लगा नंबर रवीना टंडन का
 

4 of 7
फूल - फोटो : रोहित झा, अमर उजाला
राजेंद्र कुमार की आखिरी कोशिश
कुमार गौरव के पिता राजेंद्र कुमार ने एक आखिरी दांव अपने बेटे कुमार गौरव पर लगाया और एलान किया एक फिल्म का, जिसमें उस वक्त की नंबर वन हीरोइन माधुरी दीक्षित को लिया गया। निर्देशक लाए गए, संगीतम श्रीनिवास राव। राजेंद्र कुमार ये मानकर चले कि जो निर्देशक कमल हासन को तमिल सिनेमा से निकालकर पूरी दुनिया में सुपरस्टार बना सकता है, वह जरूर उनके बेटे का कुछ तो कल्याण करेगा। आमतौर पर हिंदी सिनेमा के सितारे दक्षिण भारत के फिल्मकारों से मुंहमांगी रकम पाते रहे हैं, ये शायद पहला मौका था जब किसी दक्षिण भारतीय फिल्ममेकर ने मुंबई के फिल्म निर्माता से मुंहमांगी रकम फिल्म निर्देशित करने के लिए वसूल की। और, ये फिल्म बनी भी तो सिर्फ राजेंद्र कुमार की साख के चलते।

बाइस्कोप: ‘मदर इंडिया’ के बाद इस फिल्म में मिले राजेंद्र कुमार और सुनील दत्त, माधुरी ने निभाया वादा
 
विज्ञापन

5 of 7
वक्त - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
ये है मल्टीस्टारर की ‘मां’
किसी मल्टीस्टारर फिल्म का मतलब इन दिनों एक से ज्यादा हीरो या एक से ज्यादा हीरोइन भर से होता है, लेकिन फिल्म ‘वक्त’ में तो सितारों की पूरी बारात है। तो चलिए आगे बढ़ने से पहले गिनती करते चलते हैं। बलराज साहनी, सुनील दत्त, साधना, राजकुमार, शशि कपूर, शर्मिला टैगोर, अचला सचदेव, रहमान, मदन पुरी, मनमोहन कृष्ण, लीला चिटनिस, जीवन, सुरेंद्र नाथ, सुमति गुप्ते, शशिकला, हरि शिवदासानी, मोतीलाल, मुबारक, जगदीश राज, सुरेंद्र राही और बद्री प्रसाद। देखा आपने, सिर्फ नाम लिखते लिखते हम चौथी लाइन में आ गए। इनके किरदारों का विस्तार देखने के लिए तो आपको फिल्म ही देखनी पड़ेगी, लेकिन इस लिस्ट में धर्मेंद्र का नाम नहीं है तो बस उनकी मर्जी से। क्यों, जानने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करिए।

इस कलाकार की ना ने दिलाया राजकुमार को ‘वक्त’ में फिल्मफेयर अवॉर्ड, इसलिए हो गई शंकर जयकिशन की छुट्टी
 
विज्ञापन

6 of 7
प्रेम रोग - फोटो : रोहित झा, अमर उजाला
मोहब्बत है क्या चीज हमको बताओ..
राज कपूर जैनेंद्र जैन के काम से काफी खुश थे और फिल्म ‘प्रेम रोग’ का निर्देशन वह जैनेंद्र जैन से ही करवाने वाले थे, लेकिन फिल्म की कथा, पटकथा और संवाद जब तीनों राज कपूर के सामने आए तो उन्हें लगा कि शायद जैनेंद्र जैन इस फिल्म के साथ न्याय नहीं कर पाएंगे और राज कपूर ने खुद ये फिल्म बनाने का फैसला कर लिया। हालांकि जैनेंद्र जैन ने इसके लिए कभी सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कहा लेकिन इस फिल्म के रिलीज होते ही उन्होंने अपनी खुद की फिल्म शुरू कर दी। इस फिल्म के निर्देशक थे जैनेंद्र जैन और इसका निर्माण भी उन्होंने खुद ही किया। कौन सी है ये फिल्म, जानने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक कीजिए।

बाइस्कोप: जब राज कपूर को बेटे पर आया था जबर्दस्त गुस्सा, ये दो असिस्टेंट बने नामी फिल्म डायरेक्टर
 
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
पोंगा पंडित - फोटो : रोहित झा, अमर उजाला
गंगाघाट पर अभिनेत्री ने किया डांस
फिल्म ‘पोंगा पंडित’ में हरिद्वार की हर की पैड़ी पर जैसा गाना फिल्माया गया, वैसा कोई गीत आज के समय में तो नहीं ही फिल्माया जा सकता है। ये गाना पिछली सदी के आठवें दशक की शुरूआत में बिना किसी विघ्न बाधा के हरिद्वार और ऋषिकेष में गंगा के किनारे फिल्माया गया है और ऐसा कारनामा कर ले जाने वाले निर्देशक का नाम आपने मनमोहन देसाई की फिल्मों की ओपन क्रेडिट्स में खूब पढ़ा होगा, प्रयागराज। जी हां, मशहूर राइटर प्रयागराज ही फिल्म ‘पोंगा पंडित’ के डायरेक्टर थे।

बाइस्कोप: चुलबुल पांडे से बरसों पहले इस फिल्म में प्रकट हुए भगवती पांडे, खूब पिलाया गंगाघाट का पानी
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें