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Sandwiched Forever Review: क्राइम सीरीज से हैं परेशान तो देखिए ये कलरफुल कॉमेडी, बस वॉल्यूम कम रखना!

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सैंडविच्ड फॉरएवर - फोटो : अमर उजाला

डिजिटल रिव्यू: सैंडविच्ड फॉरएवर (वेब सीरीज) (Sandwiched Forever Review)
कथा: देवांग कक्कड़, भरत कुकरेती, पंकज सुधीर मिश्र। पटकथा: देवांग कक्कड़, विकास सिंह
संवाद: हितेश बाली। सृजनात्मक निर्देशक: रितेश मोदी। श्रृंखला निर्देशक: पंकज सुधीर मिश्र।

कलाकार: कुणाल रॉय कपूर, अहना कुमरा, अतुल कुलकर्णी, जाकिर हुसैन, दिव्या सेठ शाह और लुबना सलीम।
निर्देशकरोहन सिप्पी
रेटिंग: ***

सिटकॉम समझते हैं ना। अरे, सिचुएशनल कॉमेडी। वही जो ‘कुली नंबर वन’ में नहीं है। फॉरेन में अंग्रेज लोग सब ‘फ्रेंड्स’ जैसा सिटकॉम बनाते हैं तो सेट पर ही तमाम दर्शक टाइप के लोग भी वहां बिठाते हैं, शूटिंग देखकर हंसने के लिए। ये असली हंसी ही फिर प्रोग्राम के ब्रॉडकास्ट के समय सुनाई देती है। हिंदुस्तान थोड़ा इस मामले में मॉडर्न है। हो सकता है यहां  ‘कपिल शर्मा शो’ से गायब हुई ऑडियंस आपको इस वेब सीरीज के बैकग्राउंड में हंसती मिल जाए। 10 महीने से लोगों की जो बैंड बजी हुई है, उसमें अगर कोई सीरीज आपके होंठ 180 डिग्री में पूरे फैला भी दे तो बड़ी बात मानी जानी चाहिए। ये सीरीज तो आपको कई बार ठट्ठा मारकर हंसने का मौका देती है। अकेले देख रहे हों तो बाजू वाले को बता जरूर दें, नहीं तो वो समझेगा ये कोरोना काल में ऐसे कौन हंसता है!

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सैंडविच्ड फॉरएवर - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
इंडियन टेलीविजन पर सिटकॉम के दो तीन बढ़िया वाले पैमाने रहे हैं। ‘ऑफिस ऑफिस’ याद है? पंकज कपूर, संजय मिश्रा, हेमंत पांडे और मनोज पाहवा वाला! या फिर शेखर सुमन वाला ‘देख भाई देख’, ‘साराभाई वर्सेज साराभाई’ तो याद ही होगा। इन तीनों पैमानों पर नाप कर देखेंगे तो ‘सैंडविच्ड फॉरएवर’ को तीनों पैमानों पर एक एक नंबर तो मिल ही सकता है। ट्रीटमेंट थोड़ा एडल्ट टाइप है नहीं तो एक नंबर और मिल सकता था। फैमिली आडियंस टाइप नहीं है शो। लेकिन, मस्त है। सोच के देखिए कि जस्ट मैरीड कोई कपल तमाम सारी लव पोजीशन्स के लिए एक इन्नोविटव काउच खरीदे और उस पर उनके सास ससुर आकर योग के आसन ट्राई करने लग जाएं।
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सैंडविच्ड फॉरएवर - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
वेब सीरीज ‘सैंडविच्ड फॉरएवर’ की यूएसपी इसकी कहानी ही है। घनघोर आलसी लड़का। बिजली के करंट सी फुर्तीली लड़की। जासूसी करने वाला लड़की का रिटायर्ड फौजी बाप। और, हर बात के लिए ज्योतिष की आड़ लेने वाली उसकी माताश्री। लड़का कानपुर से है तो थोड़ा संस्कारी है। पिताजी पौधों से बातें करते हैं। अम्मा तलाक स्पेशलिस्ट वकील हैं। है ना मामला सेट। लड़का लड़की शादी करने को तैयार हैं तो लड़की का पिता मलाड का ‘रत्ती’ भर का फ्लैट छोड़ अंधेरी के ‘बड़े’ से फ्लैट में रहने को कहता है। ब्रोकर उसी फ्लोर पर खाली घर इन दोनों को दिला देता है। कानपुर में लड़के के मम्मी पापा बेटे को मिस कर रहे हैं, वह भी मुंबई रहने आ जाते हैं और उसी फ्लोर के तीसरे फ्लैट में पसर जाते हैं।

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सैंडविच्ड फॉरएवर - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
सीरीज की एडिट में ट्रांजिशन के लिए एक ही फ्लोर के फ्लैटों की खिड़कियों का बार बार इस्तेमाल खटकता है, बाकी ये सीरियल कहीं नहीं अटकता। सिवाय इसके कि कहीं कहीं इसकी रफ्तार स्लो हो जाती है। रोहन सिप्पी इसी हफ्ते ‘क्रिमिनल जस्टिस’ के दूसरे सीजन में भी स्लो ही रहे हैं। लगता है इत्मीनान से कहानी कहने के वह किसी नए प्रयोग पर चल रहे हैं। जो भी हो, पर कोरोना काल में स्टूडियो में ‘कॉमेडी’ सीरीज शूट कर लेना ही अपने आप में कमाल है। रितेश मोदी ने अपना ससुराली एक्पीरियंस इसमें घोला है, और इसे चटपटा बनाने में अतुल औऱ जाकिर ने कमाल का काम किया है।
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सैंडविच्ड फॉरएवर - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
अदाकार के लिहाज से देखें तो सीरीज में कुणाल रॉय कपूर अपने डीलडौल के हिसाब से किरदार में बिल्कुल फिट हैं। देखने में वह लगते भी घोंघे से रेस लगाने वाले आलसी टाइप के गेम डेवलेपर समीर ही हैं लेकिन दूसरा कोई ये बात बोले तो नैना को बर्दाश्त नहीं होता। वो इसलिए कि ईएमआई तो वह ही कमाता है। सीरीज लिखने वालों ने सबसे बढ़िया एंगल जो इसमें डाला है वो ये कि तीनो घरों की तीनों औरतें किसी न किसी करियर में बिजी हैं। हाउस वाइफ वह पार्ट टाइम हैं। मर्द दो घरों के रिटायर हो चुके हैं तीसरा जो कामकाजी है वह भी ‘डब्लूएफएच’ है।
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सैंडविच्ड फॉरएवर - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
अहना कुमरा ने करियर में पहली बार कॉमेडी में हाथ आजमाया है और थिएटर का एक्सपीरियंस इसमें उनके खूब काम आय़ा है। लुबना सलीम का लेवल अलग है और दिव्या सेठ को देखकर तो लगता है कि जैसे उनकी जिंदगी ही नौघड़ा औऱ हटिया में बीत गई है। सीरीज में टोटल 15 एपीसोड हैं और रोज एक देखेंगे तो अगले दो हफ्ते का भरपूर मसाला है इनमें। हां, दूसरे सीजन में कहानियां थोड़ी रियलिस्टक रहेंगी तो मजा ज्यादा आएगा।

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