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Mardaani 2 Review: क्रूर अपराधियों का सफाया करने लौटी शिवानी, दमदार अभिनय से रानी बनीं असल मर्दानी

Fri, 13 Dec 2019 02:17 PM IST
anand anand पंकज शुक्ल, मुंबई
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Mardaani 2 - फोटो : amar ujala mumbai
Movie Review: मर्दानी 2
कलाकार: रानी मुखर्जी, विशाल जेठवा, विक्रम सिंह चौहान, श्रुति बापना, राजेश शर्मा, दीपिका अमीन आदि।
निर्देशक: गोपी पुथरन
निर्माता: आदित्य चोपड़ा


Mardaani 2 Movie Review, Rating in Hindi: पांच साल हुए शिवानी शिवाजी रॉय को मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड किए हुए। अब वह इंस्पेक्टर से पुलिस अधीक्षक बन चुकी है। पांच साल के इस अंतराल के बीच रानी मुखर्जी एक और जबर्दस्त फिल्म हिचकी भी दे चुकी हैं। रानी मुखर्जी का करियर राजा की आएगी बारात से लेकर अब तक तमाम उतार चढ़ाव देख चुका है। हिंदी सिनेमा में उन्होंने एक ऐसी अभिनेत्री के तौर पर अपनी पहचान बनाई है जिनका कद भले छोटा हो लेकिन परवाज उनकी हमेशा ऊंची रही। 41 साल की उम्र में जिस मेहनत, समर्पण और जीवट का परिचय रानी ने फिल्म मर्दानी 2 में दिया है, वह दूसरी अभिनेत्रियों के लिए एक मिसाल है।
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Mardaani 2 - फोटो : social media
शिवानी शिवाजी रॉय एक मिथ है हिंदी सिनेमा में दमदार महिला किरदारों की तरक्की का। इस साल वैसे भी बॉक्स ऑफिस ने हर उस फिल्म को सलाम किया है जिसमें अभिनेत्रियों ने अपने ग्लैमर से ज्यादा अपने अभिनय का लोगों के सामने रखा और ऐसे किरदार किए जिन्हें लोगों ने अपने आसपास का ही समझा। असमान्य परिस्थितियों में जिंदगी का ऐसा संघर्ष अभिनेत्रियों ने हिंदी सिनेमा में किसी एक ही साल में कम ही दिखाया है। शिवानी शिवाजी रॉय का मुकाबला इस बार एक ऐसे अनदेखे अपराधी से है जो सिहरा देने वाले अपराध में संलग्न है और निशाने पर हैं उसके वे युवतियां जो दिन ढले उसका निशाना बनती हैं। सनी नाम का ये अपराधी सिर्फ खूंखार ही नहीं बल्कि वह अपने अपराधों को योजनाएं बनाकर अंजाम देता है।
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मर्दानी - फोटो : फिल्म
फिल्म मर्दानी 2 को गोपी पुथरन ने लिखा भी है और निर्देशित भी किया है। फिल्म के पूरे प्रचार के दौरान वह मीडिया से दूर रहे। कोटा विवाद के अलावा वह कभी कुछ नहीं बोले। अब उनका काम बोल रहा है। गोपी ने पहली मर्दानी सिर्फ लिखी थी। इस बार उन्होंने शिवानी शिवाजी रॉय को एक निर्देशक के नजरिए से दर्शकों के सामने पहले से ज्यादा दमदार तरीके से रखा है। रानी को तैराकी सीखने पर विवश किया है और अपने कलाकार के लिए चुनौती पेश कर सकने वाले निर्देशक के तौर पर अपनी पहली ही फिल्म से एक अलग साख कायम करने में कामयाबी पाई है।

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Mardaani 2 - फोटो : social media
शिवानी शिवाजी रॉय के तौर पर रानी मुखर्जी का अभिनय उनकी शख्सीयत को एक नए आयाम के साथ पेश करने में कामयाब रहा। पूरी फिल्म में उन्होंने खुद को एक ऐसी महिला के तौर पर पेश किया जिसके बदन पर तो खाकी है लेकिन दिल में इंसानियत अभी बाकी है। वह खुद को संयम में रखती हैं। कहीं मुंबइया फिल्मों जैसी पुलिस वाली वह नहीं दिखतीं, उनका अभिनय उनके किरदार को असलियत के करीब रखता है। रानी ने जिस तरह पहले मर्दानी फिर हिचकी और अब मर्दानी 2 में खुद को कैमरे के सामने पेश किया, उससे ये भी साबित होता है कि हिंदी सिनेमा में अभिनेत्रियों का करियर भी लंबा चल सकता है बशर्ते कहानियों के चयन और अपने अभिनय में वे तरक्की करती रहें। फिल्म के विलेन के तौर पर विशाल जेठवा ने भी काबिले तारीफ काम किया है। पहली ही फिल्म में ऐसा काम उनको मीलों आगे ले जा सकता है। वह अपने किरदार की परतें समझने में कामयाब रहे और स्थान के हिसाब से अपने संवादों की भाषा गढ़ने में भी कामयाब दिखे।
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Mardaani 2 - फोटो : social media
गोपी पुथरन ने फिल्म मर्दानी की रफ्तार पहले सीन से ही तय कर दी है। कहीं कोई गाना नहीं। कहीं कोई अनावश्यक भागदौड़ नहीं है। फिल्म परत दर परत खुलती है औऱ दर्शकों को आखिर तक बांधे रखती है। जॉन स्टुवर्ट इदुरी का बैकग्राउंड म्यूजिक इसमें फिल्म की काफी अच्छी मदद करता है। फिल्म महिला सशक्तीकरण की घूंटी बार बार पिलाती रहती है लेकिन मौजूदा माहौल में ये ज्यादा खटकती नहीं है। फिल्म के हर कलाकार का अपने किरदार में भरोसा है और फिर चाहे ये कलाकार आपस में बात करें या दर्शकों से, एक प्रवाह फिल्म का बना रहता है।
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mardaani 2 - फोटो : social media
जिश्नू भट्टाचार्जी की सिनेमैटोग्राफी ने फिल्म में किसी किरदार की तरह काम किया है। उनका कैमरा पहले सीन से ही दर्शकों को कहानी के भीतर खींच लेता है। मोनीषा बलदावा की एडिटिंग इस करतब को थोड़ा और तराशती है। दोनों तकनीशियन फिल्म के कथन को बहुत ज्यादा सिनेमाई होने से आखिर तक बचाने की कोशिश करते रहते हैं और रानी मुखर्जी के अभिनय को एक हीरो की तरह परदे पर पेश करने में कामयाब रहते हैं। फिल्म मर्दानी 2 को देश में हाल में महिलाओं के खिलाफ हुईं जघन्य आपराधिक घटनाओं से बने माहौल की भी मदद मिलती है और रानी मुखर्जी के खाते में एक कामयाब फिल्म का दर्जा पाने में कामयाब रहती है। अमर उजाला मूवी रिव्यू में फिल्म मर्दानी 2 को मिलते हैं साढ़े तीन स्टार।

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