Mardaani 2
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शिवानी शिवाजी रॉय के तौर पर रानी मुखर्जी का अभिनय उनकी शख्सीयत को एक नए आयाम के साथ पेश करने में कामयाब रहा। पूरी फिल्म में उन्होंने खुद को एक ऐसी महिला के तौर पर पेश किया जिसके बदन पर तो खाकी है लेकिन दिल में इंसानियत अभी बाकी है। वह खुद को संयम में रखती हैं। कहीं मुंबइया फिल्मों जैसी पुलिस वाली वह नहीं दिखतीं, उनका अभिनय उनके किरदार को असलियत के करीब रखता है। रानी ने जिस तरह पहले मर्दानी फिर हिचकी और अब मर्दानी 2 में खुद को कैमरे के सामने पेश किया, उससे ये भी साबित होता है कि हिंदी सिनेमा में अभिनेत्रियों का करियर भी लंबा चल सकता है बशर्ते कहानियों के चयन और अपने अभिनय में वे तरक्की करती रहें। फिल्म के विलेन के तौर पर विशाल जेठवा ने भी काबिले तारीफ काम किया है। पहली ही फिल्म में ऐसा काम उनको मीलों आगे ले जा सकता है। वह अपने किरदार की परतें समझने में कामयाब रहे और स्थान के हिसाब से अपने संवादों की भाषा गढ़ने में भी कामयाब दिखे।