Shahid Kapoor
- फोटो : youtube
संदीप के निर्देशन में किस्सागोई का गजब का टैलेंट है। बस उनके महिला किरदार जमाने के साथ नहीं चल रहे। मेडिकल कॉलेज की एक लड़की को फिल्म का हीरो जब जहां चाहे वहां से उठा लेता है। जब जहां चाहे वहां चूम लेता है और लड़की बकरी बनी रहती है। संदीप की फिल्म पूरी तरह से उनके हीरो की फिल्म है, बतौर निर्देशक वह बस कबीर के दोस्त को मौका देते हैं, पर्दे पर चमकने का। बाकी सारे किरदार कब आए, कब गए, कहानी सोचती भी नहीं है।