फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

High On MX Player Review: चैतन्य चरसियों के चलते ‘लो’ हो गई एमएक्स प्लेयर की नई वेब सीरीज ‘हाई’

विज्ञापन
1 of 6
हाई - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
Web Series Review: हाई
कलाकार: अक्षय ओबेऱॉय, प्रकाश बेलवाडी, नकुल भल्ला, श्वेता बासु प्रसाद और रणवीर शौरी आदि
निर्देशक: निखिल राव
ओटीटी: एमएक्स प्लेयर
रेटिंग:**


न्यूज चैनलों ने देश की जनता को हाल के दिनों में नशीले पदार्थों की तस्करी या इसके कारोबार को लेकर जो कुछ ज्ञान सिखाया है, उसके इस्तेमाल का समय आ गया है। जिन दर्शकों ने रिया चक्रवर्ती की गिरफ्तारी से लेकर दीपिका पादुकोण का पीछा किए जाने तक का रोमांच मिस कर दिया हो, उनके लिए एमएक्स प्लेयर लेकर आया है वैसा ही एक अगड़म बगड़म टाइप की सीरीज, हाई। मौका भी है, दस्तूर भी है, हैश, वीड, माल सबको लेकर लोहा पहले से गरम है, बस इस ओटीटी ने मार दिया हथौड़ा। निशाने पर लगा कि नहीं, आओ इसका पता लगाएं..!!
विज्ञापन

2 of 6
हाई - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
दुनिया भर से हजारों लाखों लोग हिंदुस्तान आते हैं। काशी से लेकर मनाली तक की खाक छानते हैं। ज्यादातर को ‘बाबाजी की बूटी’ मिल भी जाती है। क्या हो अगर इस बूटी में देश दुनिया का पूरा हिसाब किताब ही बदल देने की ताकत हो। एमएक्स प्लेयर की नौ एपीसोड्स वाली नई वेब सीरीज ‘हाई’ का यही हासिल है। एमएक्स प्लेयर मुफ्त का ओटीटी है। अगर आपने डॉक्यूमेंट्री ‘द सोशल डिलेमा’ देख ली है तो ये समझ आ ही गया होगा कि मुफ्त में जो माल मिलता है, वह दरअसल इसे उपयोग करने वाले को उपभोक्ता नहीं बल्कि उत्पाद में बदल देता है। तो देश में सबसे तेजी से दर्शकों को उपभोक्ता से उत्पाद में बदल रहे इस ओटीटी की नई वेब सीरीज ‘हाई’ का घोषित उद्देश्य तो सामाजिक हित ही है लेकिन, इसमें मसाले सारे वही हैं जो इन दिनों थोक के भाव बन रहीं हिंदी वेब सीरीज में दिख रही हैं। अब इन्हें कौन समझाए कि बीते कुछ साल की सबसे हिट वेब सीरीज ‘ये मेरी फैमिली’, ‘पंचायत’ या फिर ‘गुल्लक’ के आगे ये सब जीरो हैं।
विज्ञापन

3 of 6
हाई - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
जिस रफ्तार से वेब सीरीज की भाषा बदल रही है, उससे लगता तो यही है कि वो दिन दूर नहीं जब गालियां देश की राष्ट्रीय भाषा होने का दावा ठोक सकती हैं। दिन भर चैनल की कांय कांय और ट्विटर पर होती भांय भांय में अब बस यही बाकी बचा है। वेब सीरीज ‘हाई’ का प्लॉट इतना बढ़िया है कि अगर इसमें दूसरी वेब सीरीज की नकल करके माल न डाला गया होता तो ये इस सीजन की दमदार वेब सीरीज बन सकती थी। लेकिन, भला हो एमएक्स प्लेयर की क्रिएटिव टीम का, जिसे हर वेब सीरीज ‘मस्तराम’ की मौसेरी बहन चाहिए। बताते तो ये भी हैं कि इसकी टीम अब शूटिंग के समय मौजूद रहकर ये देखती है कि सीरीज डायरेक्ट करने वाले ने कहीं उनका बांधा गंडा तो नहीं उतार फेंका। खैर, अपना अपना शौक है। एल्टबालाजी बनने की ओर अग्रसर एमएक्स प्लेयर की इस सीरीज का धर्म यहां अपने हीरो के किरदार में जागता है। वह चरसी तो है पर चैतन्य भी उतना ही है।

4 of 6
हाई - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
तो वेब सीरीज ‘हाई’ के इन चैतन्य चतुर चरसी के दिल में कुछ अच्छा करने की कसक है। संपर्क में वह एक ऐसे तिगाड़े के है जो बिगाड़े गए काम को तसल्लीबख्श तरीके से करने में लगे हुए हैं। इनको लगता है कि जिस बूटी की उनको तलाश है वह कामयाब हुई तो बस...! अब अच्छा काम करने वाले हैं तो संतुलन बनाए रखने के लिए बुरे लोगों का होना भी तो जरूरी है ना। तो, मुंबई मनोरंजन उद्योग को पक्षपात के लिए लगातार कोसने के बावजूद हर दूसरी वेब सीरीज में नजर आ रहे रणवीर शौरी भी यहां हैं। इसके अलावा बंदूक, बजूका और बमबाज भी हैं। सब कहानी वैसी ही सेट है जैसी इसका पहला एपीसोड देखने के बाद किसी भी आम दर्शक के दिमाग में उभर सकती है। कहीं कोई सरप्राइज नहीं, कहीं कोई अलग से हरकत नहीं। सीरीज के नाम के हिसाब से सब हाई फाई है।
विज्ञापन

5 of 6
हाई - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
वेब सीरीज ‘हाई’ की कहानी, इसकी एक्टिंग और इसका बैकग्राउंड म्यूजिक अगर इसके लो प्वाइंट्स हैं तो इसके हाई प्वाइंट्स हैं इसका ट्रीटमेंट और इसको आम वेब सीरीज से अलग हटकर दिखाने के लिए इस पर पोता गया रंग, जिसे तकनीकी भाषा में हम कलर पैलेट कहते हैं। कहानी उस दौर तक जाती है, जहां सोने की तस्करी छोड़ भाई लोग ड्रग्स की तस्करी में लग गए थे। डिमांड एंड सप्लाई वाले इस धंधे को लेकर जितनी रिसर्च इस सीरीज में शामिल है, अगर उतनी ही रिसर्च इसकी कास्टिंग और इसकी स्क्रिप्ट पर की गई होती तो बेशक ये सीरीज ‘पाउडर’ और ‘स्मोक’ जैसी वेब सीरीज से आगे निकल सकती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
हाई - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
कलाकारों में रणवीर शौरी ही इस सीरीज का इकलौता आकर्षण हैं, उनके सौरमंडल में शामिल दूसरा सबसे चमकीला तारा अक्षय ओबेरॉय है। बाकी मंत्र मुग्ध हमेशा की तरह अपने में ही मुग्ध निकले। श्वेता बासु प्रसाद धीरे धीरे ओटीटी की राधिका आप्टे बन चुकी हैं। इतना ओवर एक्सपोजर हो चुका है उनका कि दर्शक अब कुछ बेहतर की तलाश करने लगे हैं। प्रकाश का एक्टिंग का अपना सेट टेम्पलेट है, वह उससे एक इंच न दाएं खिसकते हैं और न बाएं। एमएक्स प्लेयर की अपनी मशीन उनको बताती रहती कि सीरीज को कितने लाख लोगों ने देख लिया है। ये गिनती फिर बुलाएगी जरूर, पर टाइम वेस्ट करने का नहीं।

पढ़ें: Ram Pyaare Sirf Humare Review: भोंडी कॉमेडी की ‘गंगा’ में जी टीवी ने भी धो लिए हाथ, बनाया ये नकली शो
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें