आपने टेलीविजन या डिजिटल दुनिया में उपलब्ध वीडियोज देखते हुए एक बात पर अक्सर गौर किया होगा। जिस किसी भी कार्यक्रम में अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र साथ साथ होते हैं, अमिताभ बच्चन हर समय धर्मेंद्र के सम्मान में थोड़े झुके से ही रहते हैं। धर्मेंद्र और अमिताभ बच्चन की जोड़ी जब भी बड़े परदे पर बनी, हिट ही रही। ‘शोले’, ‘चुपके चुपके’ और ‘राम बलराम’ की कामयाबी से पहले धर्मेंद्र और अमिताभ बच्चन की कड़ी जुड़ी थी फिल्म ‘जंजीर’ से। जी हां, जिस कहानी के लिए धर्मेंद्र इसके लेखकों सलीम-जावेद को भुगतान कर चुके थे, वह कहानी अगर धर्मेंद्र बिजनौर वाले प्रकाश मेहरा को न देते तो इलाहाबाद वाले अमिताभ बच्चन का तो फिल्म इंडस्ट्री से पैक अप होने ही वाला था। खुद अमिताभ बच्चन ने फिल्म ‘जंजीर’ को लेकर ऐसा ही कुछ कहा था कि अगर ये फिल्म नहीं चली तो वह वापस घर लौट जाएंगे। ऐसा इसलिए कि तब तक अमिताभ बच्चन की 12 फिल्में फ्लॉप हो चुकी थीं। फिल्म ‘जंजीर’ को रिलीज हुए 48 साल पूरे हो रहे हैं तो चलिए आज के बाइस्कोप में इसी फिल्म के किस्से दोहराते हैं।