अर्जुन
- फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
चलते चलते...
फिल्म ‘अर्जुन’ उसी साल रिलीज हुई जिस साल रमेश सिप्पी ने कमल हासन, ऋषि कपूर और डिंपल कपाड़िया को लेकर ‘सागर’ बनाई। फिल्मफेयर पुरस्कारों में ‘सागर’ का ही दबदबा रहा, ‘अर्जुन’ के हिस्से बस तीन नॉमीनेशन ही आ सके। फिल्म ‘अर्जुन’ का संगीत भी खास सफल नहीं हो पाया। जावेद अख्तर और आर डी बर्मन का एक ही गाना फिल्म का हिट रहा जो था वही ‘ममैया केरो केरो केरो मामा..’। फिल्म में एक गाना जावेद अख्तर ने और लिखा था ‘भूरी भूरी आंखों वाला..’। ये गाना जावेद अख्तर को खुद पसंद था। ये गाना नहीं चला तो इसके 13 साल बाद जावेद अख्तर ने इसी भाव पर एक गाना और लिखा, ‘कत्थई आंखों वाली एक लड़की...’! इस बार फिल्म थी ‘डुप्लीकेट’। इस बार गाना तो हिट हुआ लेकिन महेश भट्ट निर्देशित शाहरुख खान की ये फिल्म सुपरफ्लॉप हो गई।
(‘बाइस्कोप’ कॉलम में प्रकाशित यह आलेख बौद्धिक संपदा अधिकारों के तहत संरक्षित हैं।)