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Bioscope S2: अनुभव सिन्हा और राकेश मेहरा के सिनेमा में पूरे हुए 20 साल, पढ़िए पहली फिल्मों के दिलचस्प किस्से

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तुम बिन-अक्स - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
यूं तो अमिताभ बच्चन से पहले राजेश खन्ना की हेयर स्टाइल को भी लाखों युवाओ ने अपनाया और उनके बेल बॉटम को अपना अंदाज बनाया। लेकिन, अमिताभ बच्चन की हेयर स्टाइल, उनकी चौड़ी लंबी कलमें, उनकी शर्ट का डॉग कॉलर और फिल्म ‘दीवार’ में शर्ट में लगाई गई गांठ, लंबे समय तक आठवें दशक के युवाओं का फैशन रही। तमाम हेयर सैलून के बोर्ड्स पर तब अमिताभ बच्चन ही दिखते थे, अपने पसंदीदा हेयर स्टाइलिस्ट के साथ। सैलून का जिक्र निकला ही है तो क्या आपको मालूम है कि फ्रेंच कट दाढ़ी अमिताभ बच्चन ने रखनी कब से शुरू की? ज्यादातर लोग यही समझते हैं कि अमिताभ बच्चन ने फ्रेंच कट दाढ़ी रखना टेलीविजन के मशहूर शो कौन बनेगा करोड़पति के पहले सीजन के साथ रखना शुरू किया। लेकिन, यह सही नहीं है। फिल्मी परदे पर पहली बार अमिताभ बच्चन जिस फिल्म में फ्रेंच कट दाढ़ी के साथ नजर आए वह फिल्म थी, ‘एक रिश्ता-द बॉन्ड आफ लव’। लेकिन जिस फिल्म के लिए पहली बार अमिताभ बच्चन ने फ्रेंच कट दाढ़ी रखी। वह थी ‘अक्स- द रेफलेक्शंस’। राकेश ओमप्रकाश मेहरा की बतौर निर्देशक पहली फिल्म। 13 जुलाई 2001 को एक साथ दो फिल्में रिलीज हुईं। एक तो थी विज्ञापन फिल्मों से फीचर फिल्मों में राकेश ओमप्रकाश मेहरा की पहली फिल्म ‘अक्स’ और दूसरी थी म्यूजिक वीडियो से फीचर फिल्मों में आए निर्देशक अनुभव सिन्हा की फिल्म ‘तुम बिन’।
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तुम बिन - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई

वीडियो अलबम सी फिल्म तुम बिन’

मशहूर संगीतकार जोड़ी निखिल विनय के बनाए म्यूजिक अलबम उन दिनों खूब हिट हो रहे थे और निखिल विनय के पास इकट्ठा हुए तमाम गीतों पर टी सीरीज ने अनुभव सिन्हा को मौका दे दिया एक फिल्म बनाने का। ‘तुम बिन’ ही से टी सीरीज के लिए म्यूजिक वीडियोज बनाते रहे अनुभव सिन्हा निर्देशक बने। सोनू निगम के उनवान के दिनों के तमाम म्यूजिक वीडियोज अनुभव ने ही निर्देशित किए हैं। अपनी फिल्में भी वह शुरू में म्यूजिक वीडियोज की तरह ही शूट करते रहे। फिल्म ‘तुम बिन’ ने पूरे देश में सिर्फ दिल्ली यूपी वितरण क्षेत्र में ही सबसे ज्यादा कामयाबी हासिल की थी। इसमें कुछ योगदान इसके दिल्ली यूपी के वितरक जी डी मेहता और उनके बेटे संजय मेहता की अपने वितरण क्षेत्र में पकड़ का था और कुछ योगदान इस फिल्म की ‘अमर उजाला’ में छपी इसकी समीक्षा का भी रहा। अनुभव सिन्हा तब जमीन से जुड़े फिल्मकार थे। अपनी फिल्म की टीम को लेकर कानपुर गए थे फिल्म का प्रचार करने और अपनी हीरोइन संदली सिन्हा को देखने रेलवे स्टेशन पर उमड़ी भीड़ किस्सा तब उन्होंने मुझे फोन करके सुनाया था। फिल्म ‘तुम बिन’ में संदली के अलावा तीन और नए चेहरे थे। इनमें से प्रियांशु चटर्जी में सबसे ज़्यादा दम लोगों को दिखा। आवाज में भी उनकी वजन था। हिमांशु मलिक औसत हीरो से ही थे। हां, राकेश बापट में लोगों को लंबी रेस का धावक जरूर नजर आया।

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तुम बिन - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
विजय अरोरा की कमाल सिनेमैटोग्राफी
फिल्म ‘तुम बिन’ को सिर्फ टी सीरीज का साथ होने की वजह से ही अच्छी रिलीज मिली। निर्देशक नया था। अदाकार भी सारे नए थे। हां, गाने इस फिल्म के फिल्म की रिलीज से पहले ही हिट हो चुके थे। फिल्म में विजय अरोरा की सिनेमैटोग्राफी ने जान डाल दी थी। और दर्जन भर गानों का अपना अलग रुआब था। खासतौर से फिल्म के अलबम में शामिल जगजीत सिंह की गजल के तो लोग आज भी दीवाने हैं। इस गजल को अनुभव सिन्हा ने इस फिल्म की दूसरी कड़ी यानी ‘तुम बिन2’ में भी इस्तेमाल किया। फिल्म ‘तुम बिन’ और फिल्म ‘तुम बिन2’ दोनों फिल्मकार के तौर पर अनुभव सिन्हा का पुनर्जन्म कही जा सकती हैं। फिल्म ‘तुम बिन’ से अनुभव को पता चला कि वह फिल्म भी बना सकते हैं। फिल्म ‘तुम बिन 2’ से अनुभव को पता चला कि वह किस तरह की फिलम अब नहीं बना सकते हैं। इसी के बाद उन्होंने ‘मुल्क’ बनाई और हंसल मेहता वाली बेंच पर उनके साथ आ बैठे।

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‘अक्स’-‘तुम बिन’  - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
बॉक्स ऑफिस का एकतरफा मुकाबला
‘अक्स’ और ‘तुम बिन’ 20 साल पहले जब रिलीज हुईं तो हल्ला ‘अक्स’ को लेकर ही ज्यादा था। अमिताभ बच्चन के परिवार के साथ राकेश मेहरा का पुराना रिश्ता रहा है। अमिताभ बच्चन ने अपने जीवन की पहली विज्ञापन फिल्म जिस उत्पाद के लिए की थी, वह कंपनी थी बीपीएल। और बीपीएल का अमिताभ बच्चन के साथ पहला विज्ञापन बनाने वाले शख्स का नाम है राकेश ओमप्रकाश मेहरा। बड़े बच्चन का म्यूजिक वीडियो एबी बेबी भी राकेश ने ही निर्देशित किया था। तो राकेश मेहरा जब दिल्ली में पढ़लिखकर मुंबई शिफ्ट हुए और विज्ञापन फिल्में बनाने लगे तो उनका पहले प्रतीक्षा और फिर जलसा में भी खूब आना जाना लगा रहा। पिता के साथ ‘अक्स’ बनाने वाले राकेश ने बेटे के साथ ‘दिल्ली 6’ भी बनाई है।
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‘अक्स - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई

नंदिता दास को इसलिए आया गुस्सा

अगर आप हॉलीवुड फिल्मों के शौकीन हैं तो आपने ‘फालेन’ और ‘फेस ऑफ’ जैसी फिल्में या तो देख रखी होंगी और अगर नहीं देखी हैं तो नाम तो जरूर सुना होगा। अमिताभ बच्चन, मनोज बाजपेयी और रवीना टंडन स्टारर फिल्म अक्स में इन दोनों फिल्म का अक्स (पराछाई) दिखती है। फिल्म में उस समय की स्टार कलाकार नंदिता दास ने अमिताभ बच्चन की पत्नी का रोल किया है। लेकिन न तो उनका ज्यादा नाम राकेश मेहरा ने फिल्म के प्रचार के समय इस्तेमाल किया औऱ न ही फिल्म में नंदिता के ही मुताबिक उनका रोल वैसा निकला जैसा उनको बताया गया था। अमिताभ बच्चन की नंदिता दास के साथ जोड़ी जरूर लोगों को चित्ताकर्षक लगी। अगर आप अमिताभ बच्चन की फिल्मों के प्रशंसक रहे हैं तो आप ये बात तो जरूर मानेंगे कि अमिताभ की जोड़ी सांवली हीरोइनों के साथ परदे पर खूब जमती है। फिर चाहें वो रेखा हों, शबाना आजमी हों, स्मिता पाटिल हों, माधवी हों, राम्या कृष्णन हों या फिर नंदिता दास हों। नंदिता दास अपने रोल को लेकर राकेश मेहरा से बहुत ज्यादा नाराज रहीं और बाकायदा रिपोर्टर्स को बुला बुलाकर नंदिता ने अपना गुस्सा मीडिया के सामने तब जाहिर किया था।

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अक्स - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
रवीना टंडन की अदाकारी का राज
खैर, राकेश मेहरा खुद मानते रहे हैं कि ‘अक्स’ की कहानी उन्होंने तीन खास कलाकारों को ध्यान में रखते हुए लिखी। एक अमिताभ बच्चन, दूजे मनोज बाजपेयी और तीसरी रवीना टंजन। रवीना टंडन ने जो जादू का पिटारा फिल्म ‘अक्स’ में अपनी खूबसूरती का खोला है, वह कम ही फिल्मों में दिखा है। ये वो दौर था जब रवीना टंडन का दिल अक्षय कुमार के धोखे से ताजा ताजा टूटा था और वह बिल्कुल खतरनाक शेरनी की तरह गुस्से में मुंबई शहर में घूमती नजर आया करती थीं। फिल्म ‘अक्स’ में लोकगाथाओं की पारलौकिक परंपरा को अपनी फिल्म की अंतर्धारा बना रहे राकेश मेहरा को परदे पर ऐसी ही अदाकारा की तलाश थी जो तब थिरके तो लोग सीटों पर कसमसाते नजर आएं। रवीना ने अपने किरदार को सौ फीसदी मेहनत और ईमानदारी के साथ निभाया और सौ में सौ नंबर पाए।

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aks - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
मनोज बाजपेयी के करियर को बड़ा झटका
फिल्म ‘अक्स’ में रोल अमिताभ बच्चन और मनोज बाजपेयी के भी राकेश मेहरा ने अच्छे ही लिखे थे। लेकिन, मनोज बाजपेयी यहां अमिताभ बच्चन के आभा मंडल में वैसे ही फंसते नजर आए जैसा तमाम फिल्मों में दूसरे दिग्गज कलाकारों के साथ हो चुका है। राजेश खन्ना से लेकर नवीन निश्चल, विनोद खन्ना, धर्मेंद्र, शशि कपूर, ऋषि कपूर, शत्रुघ्न सिन्हा, गोविंदा, मिथुन चक्रवर्ली, कमल हासन, रजनीकांत और आयुष्मान खुराना तक जिस किसी भी उभरते सितारे ने अमिताभ के आभा मंडल के बराबर पहुंचने की कोशिश भी की, अपने अदाकारी के पंख अभिनय के इस सूरज के ताप में जला बैठा। मनोज बाजपेयी इस फिल्म की रिलीज से पहले इतराते फिरते थे। कहते थे राकेश मेहरा का नाम जल्द ही हिंदी सिनेमा के पांच दिग्गज निर्देशकों में गिना जाएगा। बाकी चार नाम वह शेखर कपूर, महेश भट्ट, रामगोपाल वर्मा और श्याम बेनेगल के गिनाया करते थे। बिहार में अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘जंजीर’ देखकर हीरो बनने की ठान बैठे मनोज बाजपेयी के करियर को इस फिल्म ने बहुत नुकसान पहुंचाया और खुद को कभी अगला शाहरूख खान मान बैठे मनोज बाद में हिंदी सिनेमा में चरित्र अभिनेता का अपने इर्द गिर्द बना फरमा अरसे तक तोड़ नहीं पाए।

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अक्स - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
शूटिंग के दौरान जान पर आफत
बताते हैं कि मनोज बाजपेयी ने फिल्म ‘अक्स’ के एक सीन में अपनी जान तक दांव पर लगा थी। फिल्म का ये सीन था जिसमें उन्हें एक भेड़िए के पीछे चाकू लेकर भागना था। तय ये हुआ कि भेड़िया का ट्रेनर आगे आगे भागेगा और भेड़िया उसके पीछे पीछे। उसके पीछे मनोज दौड़ लेंगे और सिनमैटोग्राफर ट्रेनर को छोड़ केवल भेड़िए और मनोज को ही फ्रेम में रखेंगे। कुछ देर तक शॉट ठीक चला फिर अचानक भेड़िए को पीछे आ रहे मनोज दिख गए, उसने तरकीब से यू टर्न लिया और सीधे मनोज पर लपका। मनोज ने उस दिन सामने खड़ी वैन के भीतर छलांग लगाकर अपनी जान बचाई। फिल्म के प्रचार के दौरान उस सीन का भी खूब प्रचार किया गया जिसमें मनोज बाजपेयी और अमिताभ बच्चन को एक झरने में 30 फीट से छलांग लगाते दिखाया गया है। प्रचार यही किया गया कि ये सीन दोनों ने असलियत में खुद ही किया। ये वाकया कितना सच है और कितना फिल्म की मार्केटिंग टीम का बनाया हुआ, इस पर चर्चा रहने देते हैं।
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अक्स - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
चलते चलते...
तमाम विज्ञापन फिल्में बना लेने के बाद राकेश ओमप्रकाश मेहरा की कोशिश थी कि किसी तरह अपनी पहली फीचर फिल्म वह शुरू करें। उन्होंने अक्स की कहानी भी लिख ली थी और एक दिन बैठे बैठे उन्होंने ये कहानी अभिषेक बच्चन को सुनाई। अभिषेक को कहानी पसंद आई और उन्होंने ही इसके लिए अपने पिता का नाम सुझाया। अभिषेक ने खुद ही इसके लिए पैरवी भी की। तो एक दिन सुबह सुबह अमिताभ बच्चन ने अभिषेक से कहा कि वह दिल्ली जा रहे हैं और अगर राकेश के पास फिल्म की स्क्रिप्ट रेडी हो तो वह उसे रास्ते में पढ़ना चाहेंगे। उसके बाद इधर अपने घर से अमिताभ बच्चन एयरपोर्ट के लिए निकले और उधर अभिषेक का फोन पाते ही राकेश मेहरा अपने घर से। बताते हैं कि दोनों सीधे एयरपोर्ट मिले और वहीं राकेश ने ‘अक्स’ की स्क्रिप्ट बड़े बच्चन के हवाले की। उन्होंने दिल्ली तक की दो घंटे की दूरी में पूरी स्क्रिप्ट पढ़ डाली। अमिताभ दिल्ली एय़रपोर्ट पर उतरे तो सीधे फोन किया राकेश मेहरा को और बोले, फिल्म कब शुरू करनी है?
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