भंगड़ा पा ले
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फिल्म की तीसरी सबसे कमजोर कड़ी है इसका संगीत। प्रीतम ने नए कलाकारों के लिए जैम 8 नाम की जो कंपनी बनाई है, भंगड़ा पा ले के ज्यादातर गाने उसी के रचे बुने हैं। लेकिन, ये गाने या बोलियां ही फिल्म की रफ्तार में रोड़ा अटकाने लगती हैं। एक डांस फिल्म का संगीत जैसा होना चाहिए वैसा यहां बन नहीं पाया है। फिल्म लटक लटक कर आगे बढ़ती है, इंटरवल के बाद फिल्म में रफ्तार तो आती है लेकिन तब तक पंजाब की पांचों नदियों का पानी बहुत ज्यादा बह चुका होता है। नृत्य निर्देशन भी फिल्म को कहीं से सहारा देता नहीं दिखता।