फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mahesh Bhatt: 'आलिया-शाहीन' नाम रखने से परेशान हो गई थीं महेश भट्ट की मां? निर्देशक ने बताई पीछे की बड़ी वजह

Wed, 31 Jul 2024 05:48 PM IST
दीक्षा पाठक एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
आलिया भट्ट-महेश भट्ट - फोटो : इंस्टाग्राम @maheshfilm
महेश भट्ट हिंदी फिल्मों के मशहूर निर्माता-निर्देशक रहे हैं। उन्होंने साल 1974 में रिलीज हुई फिल्म 'मंजिलें और भी हैं' से अपने निर्देशन करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और हिंदी सिनेमा में कई शानदार फिल्में बनाईं। उनकी कई फिल्में विवादों में भी रहीं, लेकिन अपने कंटेंट की वजह से वह हमेशा चमकते रहे । अब हाल ही में, निर्माता-निर्देशक ने खुलासा किया है कि बेटियों के मुस्लिम नाम रखने से उनकी मां काफी चिंतित हो गई थीं।
विज्ञापन

2 of 5
महेश भट्ट - फोटो : इंस्टाग्राम @maheshfilm
 रेडिफ के साथ एक साक्षात्कार में, महेश ने अपने माता-पिता के धर्म के बारे में खुलकर बात की और बताया कि उनके पिता नानाभाई भट्ट एक गुजराती ब्राह्मण थे और मां शिरीन मोहम्मद अली एक मुस्लिम थीं। निर्देशक ने बताया किया कि कैसे उनकी मां थोड़ी शर्मिंदा थीं, जब उन्होंने अपनी मुस्लिम जड़ों का दिखावा किया।
विज्ञापन

3 of 5
महेश भट्ट - फोटो : इंस्टाग्राम @maheshfilm
यही नहीं महेश भट्ट ने यह भी कहा कि जब उन्होंने अपनी बेटियों आलिया और शाही भट्ट को 'मुस्लिम नाम' दिए तो वह चिंतित हो गई थीं। अपने माता-पिता के बारे में बात करते हुए महेश भट्ट ने पुराने इंटरव्यू में कहा था, "मेरे पास दोनों दुनिया का सर्वश्रेष्ठ था। मेरी मां एक शिया मुस्लिम थीं, जबकि मेरे पिता एक जनेऊधारी व्यक्ति थे।

4 of 5
महेश भट्ट - फोटो : इंस्टाग्राम @maheshfilm
महेश भट्ट ने यह भी बताया कि उनके माता-पिता ने कभी भी धर्मनिरपेक्ष होने का दिखावा नहीं किया। सबसे दिलचस्प बात यह है कि दोनों ने अपनी-अपनी व्यक्तिगत आस्थाएं बरकरार रखीं। वे एक-दूसरे से बेहद प्यार करते थे, लेकिन दोनों में से कोई भी दूसरे तरीके से काम करने की चाहत में खोया नहीं था।"
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
शाहीन भट्ट, महेश भट्ट - फोटो : इंस्टाग्राम shaheenb
मुंबई में साल 1992 के सांप्रदायिक दंगों के दौरान के जीवन को याद करते हुए उन्होंने कहा, "मेरी मां हमेशा एक बड़ा टीका और साड़ी पहनती थीं, उन्हें इस तरह की चीजें पसंद थीं। लेकिन, उसी समय मैं देख सकता था कि वह कुछ छिपा रही थीं। उन्हें लगता था कि उनका अल्पसंख्यक दर्जा शायद हमारे जीवन को प्रभावित करेगा। जब मैंने अपनी मुस्लिम जड़ों का दिखावा किया तो वह थोड़ी शर्मिंदा हुई थीं।"

1000 crore club Directors: इन निर्देशकों की फिल्मों ने कमाए 1000 करोड़, एक ने तो तीसरी फिल्म से ही रचा इतिहास
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें