Stage Censor Board: महाराष्ट्र सरकार ने ऐसे सारे कार्यक्रमों पर नजर रखने के लिए रंगभूमि परिनिरीक्षण मंडल को नए सिरे से निर्देश जारी किए हैं, जहां टिकट बेचकर मंचीय कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
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ओथेलो (नाटक), हर्ष गुजराल, अनुभव सिंह बस्सी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
नियमत: तो ये प्रक्रिया महाराष्ट्र में बीते कई साल से अमल में लाई जा रही है लेकिन नित नये कलाकारों को मुंबई आने के बाद न तो इसकी जानकारी होती है और न ही वे इसके अनुपालन की जरूरत समझते हैं। कम लोगों को ही पता होगा कि महाराष्ट्र में मंच पर कोई कार्यक्रम प्रस्तुत करने से पहले उसकी स्क्रिप्ट इसके लिए बाकायदा बने एक बोर्ड से मंजूर करानी होती है और मुंबई, पुणे, कोल्हापुर के तमाम रंगकेंद्र इसके बाद ही अपने यहां मंचीय प्रस्तुतियों की अनुमति देते हैं। लेकिन, हाल के दिनों में आई स्टैंड अप कॉमेडियन्स की बाढ़ ने मुंबई के रंग में खूब भंग घोला है और नतीजा ये है कि सरकार को अपने इस नियम के नाखून-पंजे फिर से तेज करने पड़ रहे हैं।
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हर्ष गुजराल, रणवीर अल्लाहबादिया, समय रैना
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र सरकार ने ऐसे सारे कार्यक्रमों पर नजर रखने के लिए रंगभूमि परिनिरीक्षण मंडल को नए सिरे से निर्देश जारी किए हैं, जहां टिकट बेचकर मंचीय कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। अवैध तरीके से टिकट वसूल कर आयोजित होने वाले ऐसे तमाम शोज में अभद्र भाषा के प्रयोग पर सरकार की पैनी नजर है। सरकार का मानना है कि ऐसे शोज नई पीढ़ी को न सिर्फ मानसिक रूप से दूषित कर रहे हैं, बल्कि ऐसे शोज देखने के बाद तमाम किशोर ऐसी भाषा अपने समाज में भी प्रयोग करने लगते हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने भी हाल ही में आए एक मामले को लेकर सख्त टिप्पणी की है। India Got Latent: समय रैना की बढ़ी मुश्किलें, महाराष्ट्र साइबर सेल ने कॉमेडियन को भेजा दूसरा समन
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भूखे भजन न होई गोपाला (नाटक)
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
महाराष्ट्र का रंगभूमि परिनिरीक्षण मंडल राज्य में होने वाले सारे मंचीय कार्यक्रमों की निगरानी रखता है। रंगमंच के प्रतिष्ठित निर्देशक ओम कटारे बताते हैं कि ऐसा आमतौर पर मंचीय प्रस्तुतियों को दर्शक वर्ग के अनुसार प्रमाणन देने के लिए होता रहा है। अगर कोई नाटक सिर्फ बच्चों के लिए तो उसका प्रमाणन अलग होता है, पूरे परिवार के योग्य नाटकों को अलग प्रमाणन मिलता है और केवल वयस्कों के लिए होने वाली मंचीय प्रस्तुतियों को इसकी जानकारी प्रेक्षागृह के सूचना पट पर चिपकानी होती है। India's got Latent: ओटीटी पर भद्दे कंटेट को लेकर सरकार सख्त, जारी की एडवाइजरी
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बेबी (नाटक)
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
लेकिन, इन सरकारी कायदे कानूनों को पहले से तैयार पटकथा के अनुसार ही मंचन करने वाले तमाम स्टैंडअप कॉमेडियन ने हवा में उड़ा दिया है। ‘इंडियाज गॉट लैटेंट’ शो को लेकर मचे हंगामे के बीच महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार को भी ऐसी तमाम शिकायतें मिली हैं जिनमें मंचीय प्रस्तुतियों में अभद्र भाषा का इस्तेमाल होता मिला है। स्टैंड अप कॉमेडियन अनुभव सिंह बस्सी का लखनऊ में प्रस्तावित शो इसी के चलते वहां के महिला आयोग की आपत्ति के बाद निरस्त कर दिया गया। महाराष्ट्र में भी इस पर नजर रखने के लिए खास निर्देशक शेलार ने दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र में रंगभूमि परिनिरीक्षण मंडल की अनुमति लिए बिना मंचीय प्रस्तुतियां करने वालों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की रूपरेखा भी बननी शुरू हो चुकी है। अब ऐसे सारे कार्यक्रमों की जांच की जाएगी और अगर किसी कार्यक्रम में सामाजिक रूप से अस्वीकार्य भाषा का इस्तेमाल होता मिला तो आयोजकों व प्रस्तुतकर्ता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस बारे में सरकार ने स्थानीय अभिसूचना इकाई को भी सतर्क रहने को कहा है। संबंधित वीडियो