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Lata Mangeshkar: जब ‘आके मुझे छेड़ जाए’ पर अटका लता का जिया, और, राकेश रोशन को समझाना पड़ा कितनी चढ़ी ‘जवानी’

Tue, 06 Feb 2024 09:37 AM IST
दीक्षा पाठक अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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लता मंगेशकर - फोटो : अमर उजाला
स्वर कोकिला लता मंगेशकर की आज पुण्यतिथि है। 6 फरवरी 2022 को आज के ही दिन लता मंगेशकर पूरी दुनिया के संगीत प्रेमियों को छोड़कर चली गईं। लेकिन, उनके गाए गीत जब तक चांद और सूरज रहेंगे, हमारे कानों में उनकी मधुर आवाज के साथ खनकते रहेंगे। लता मंगेशकर ने अपने करियर में छोटे बड़े से लेकर हर संगीतकार के लिए गीत गाए। वह सबको समान सम्मान देती थीं और नए संगीतकारों की बातें व उनके सुझावों को गौर से सुनती थीं। उनकी पुण्यतिथि पर आइए बताते हैं आपको 10 संगीतमयी कहानियां...
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लता मंगेशकर और कल्याण जी आनंद जी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

तेज बुखार में भी गाया गीत: आनंद जी (कल्याण जी आनंद जी)
संगीतकार जोड़ी कल्याणजी-आनंदजी उन प्रमुख  संगीतकारों में से एक हैं, जिन्होंने अपने करियर के अधिकतर समय लता मंगेशकर के साथ काम किया। कल्याण जी आनंद जी जोड़ी के संगीतकार आनंद जी भाई कहते हैं, 'मुझे याद है हमें फिल्म 'कोरा कागज' के लिए एक गाना रिकॉर्ड करना था। लता जी अस्वस्थ थीं, उन्हें तेज बुखार था और फिल्म 'कोरा कागज' की शूटिंग चल रही थी। इस फिल्म के लिए गाने की जरूरत थी। हमने लता जी से मदद करने का अनुरोध किया। वह आई और एक घंटे के अंदर 'रूठे रूठे पिया' गा कर चली गई। इस गाने के लिए लता जी को राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था।'

 

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लता मंगेशकर और लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

वो सरस्वती मां हैं: प्यारे लाल (लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल)
संगीतकार जोड़ी लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल और दिवंगत गायिका लता मंगेशकर ने एक साथ 700 से अधिक गानों पर काम करके इतिहास रच दिया। लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल की जोड़ी के प्यारेलाल ने हाल ही हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान लता मंगेशकर को सरस्वती का अवतार बताया। प्यारेलाल कहते हैं, ‘लता जी मेरे जीवन के हर महत्वपूर्ण क्षण का हिस्सा थीं। वह मेरे लिए मां की तरह थीं। लता जी ने हमेशा हमारा साथ दिया। हमने एक साथ 712 गाने रिकॉर्ड करके इतिहास रचा। वह खुशमिजाज और मौज-मस्ती करने वाली थी, लेकिन कभी-कभी हमें डांट भी देती थी। वो हमारे लिए सरस्वती मां हैं।' 

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लता मंगेशकर और खय्याम - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

उनकी आवाज में पाकीजगी: खय्याम 
लंबे समय पहले संगीतकार खय्याम ने लता मंगेशकर के बारे में एक इंटरव्यू के दौरान कहा था, ‘एक गायिका के रूप में मैं हमेशा मानता हूं कि लता जी का सबसे बड़ा गुण पाकीजगी,  उनकी आवाज की शुद्धता है। एक और बात जो मुझे प्रभावित करती है वह है अपनी कला के प्रति उनकी ईमानदारी। उनका उच्चारण, विशेषकर कठिन उर्दू शब्दों का उच्चारण बहुत उत्तम होता है। यह वास्तव में एक सामान्य मराठी पृष्ठभूमि से आने वाली महिला के लिए सराहनीय है और ऐसा केवल इसलिए है क्योंकि उसने विशेषज्ञों से उर्दू सीखने के लिए वास्तविक कष्ट उठाया है।'

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राजेश रोशन - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
चढ़ती जवानी मेरी...का किस्सा
अभिनेता कुमार गौरव की फिल्म 'दिल तुझको दिया' से जुड़ा एक किस्सा शेयर करते हुए संगीतकार राजेश रोशन कहते हैं, ‘इस फिल्म फिल्म के गीत ‘वादा ना तोड़ वादा ना तोड़' को गाने से लता मंगेशकर ने इंकार कर दिया था क्योंकि इस गाने के कुछ बोल उन्हें अश्लील लग रहे थे। फिर मैंने उन्हें अपने पिता की फिल्म चित्रलेखा में गाया गाना ‘सखी री मेरा मन उलझे तन डोले’ याद दिलाया और बताया कि इस गाने के भाव भी वैसे ही है। तब जाकर लता जी ने उस गीत को गाया। उनको शायद जवानी शब्द से गलतफहमी हो रही है।'

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लता मंगेशकर और बप्पी लाहिड़ी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

लता जी के सपोर्ट के बिना कुछ नहीं: बप्पी लाहिड़ी
एक इंटरव्यू में बप्पी लाहिड़ी ने बताया था, ‘मैं 4 साल का था जब कोलकाता के ईडन गार्डन इलाके में जहां हम रहते थे, लता जी ने घर आकर मुझे आशीर्वाद दिया। मेरे पास अभी भी उनकी गोद में बैठे हुए मेरी एक फोटो है। उन्होंने मेरे पिता अपरेश लाहिड़ी के लिए कई बांग्ला गाने गाए, जो कोलकाता के जाने-माने संगीतकार थे। तब से उन्होंने मुझे सपोर्ट किया है। मेरी पहली कंपोजिशन एक बंगाली फिल्म 'दादू' के लिए थी, जिसे उन्होंने गाया था। अगर उन्होंने तब मेरे लिए गाना नहीं गाया होता, तो संगीतकार के तौर पर मेरी अच्छी शुरुआत नहीं हो पाती।'

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लता मंगेशकर और अनु मलिक - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

स्टूडियो को अपना मंदिर समझती थीं: अनु मलिक 
संगीतकार अनु मलिक बताते हैं, ‘लता मंगेशकर रिकॉर्डिंग स्टूडियो को अपना मंदिर समझती थी। इस लिए वह जब भी किसी गाने के रिकॉर्डिंग करती थी तो चप्पल उतार कर रिकॉर्डिंग स्टूडियो जाती थी और उसके बाद गाने की रिकॉर्डिंग करती थी। यही वजह है कि लता को ‘क्वीन ऑफ मेलोडी’ ‘स्वर-कोकिला’, ‘नाइटेंगेल ऑफ इंडिया’ जैसे नामों से पहचाना जाता रहा है।'

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लता मंगेशकर और आनंद, समीर,मिलिंद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

वह मां सरस्वती का अवतार थीं: आनंद (आनंद-मिलिंद)
संगीतकार जोड़ी आनंद मिलिंद को आमिर खान की फिल्म ‘कयामत से कयामत तक’ से खूब लोकप्रियता मिली। आनंद मिलिंद अपने आपको काफी भाग्यशाली मानते हैं कि करियर के शुरुआत में उन्हें लता मंगेशकर के साथ काम करने का मौका मिला। आनंद के मुताबिक अपने संगीत करियर की शुरुआत उन्होंने लता के साथ अपना पहला गाना रिकॉर्ड करके की थी। यह गीत फिल्म ‘अब आएगा मजा’ के लिए ‘राजा तेरे रास्ते से हट जाऊंगी, गाड़ी के नीचे जाके काट जाऊंगी’ था।'

 

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लता मंगेशकर और ललित पंडित - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

कितनी बारीक बात पकड़ ली: ललित पंडित (जतिन -ललित) 
फिल्म  'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' का एक किस्सा शेयर करते हुए संगीतकार ललित पंडित (जतिन-ललित) कहते हैं, ‘फिल्म 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' का गीत 'मेरे ख्वाबों में' सबसे पहले रिकॉर्ड हुआ था। जब लता जी गा रही थीं तो उनको मैं बार-बार एक जगह रोक देता। जब यह 10-12 बार हो गया, तो उन्होंने मुझे अंदर बुलाया। एक पेपर दिखाते हुए वह बोलीं कि देखो, बख्शी साहब ने क्या लिखा है? 'मेरे ख्वाबों में जो आए, आके मुझे छेड़ जाए, उससे कहो कभी सामने तो आए। 'छेड़ जाए' पर अगर मैं थोड़ा एक्स्प्रेशन दूंगी, तो वो लड़की स्क्रीन पर एक्स्प्रेशन देगी तो देखने में बड़ा अच्छा लगेगा। मैं तो सोच ही नहीं पा रहा था। उन्होंने कितनी खूबसूरत और बारीक बात पकड़ ली।’

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लता मंगेशकर और ए और रहमान - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

लता जी की तस्वीर ही मेरी प्रेरणा: ए आर रहमान 
संगीतकार ए आर रहमान ने पहली बार फिल्म 'दिल से' का गीत 'जिया जले' लता मंगेशकर की आवाज में रिकॉर्ड किया। ए आर रहमान  कहते हैं, 'मैं खुद को बहुत भाग्यशाली समझता हूं कि मुझे लता जी के साथ काम करने का मौका मिला। लता जी सिर्फ एक आइकन नहीं, बल्कि  वह भारत के गीत संगीत का अभिन्न हिस्सा रही हैं। सुबह जब भी उठता हूं, लता जी की तस्वीर देखता हूं। उससे मुझे अच्छे संगीत बनाने की प्रेरणा मिलती है। मेरे पिताजी के पास युवा लता मंगेशकर की एक फोटो थी। इस फोटो को वह रोज सुबह उठकर देखते थे और उनसे संगीत की प्रेरणा लेते थे।'

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लता मंगेशकर और विशाल भारद्वाज - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

सिर्फ एक गायिका की तरह देखिए: विशाल भारद्वाज
फिल्म 'माचिस' में पहली बार विशाल भारद्वाज को लता मंगेशकर के साथ काम करने का मौका मिला। विशाल भारद्वाज कहते हैं, 'इस फिल्म के गीत 'पानी पानी रे..' की रिकॉर्डिंग चल रही थी। मैं रिकॉर्डिंग रूम के बाहर खड़ा था। लता जी को महसूस हुआ कि मैं नर्वस हूं। लता जी ने माइक्रोफोन बंद किया और मुझे रिकॉर्डिंग रूम में बुलाया और कहा, आप मुझे सिर्फ और सिर्फ एक आम गायिका की तरह देखिए न कि इस तरह जैसे मैं लता मंगेशकर हूं। इस तरह अगर आप नर्वस हो जाएंगे तो आपका और मेरा सर्वश्रेष्ठ काम सामने नहीं आ सकेगा।'

Lata Mangeshkar: 36 भाषाओं में आवाज देकर लता मंगेशकर बनीं स्वर कोकिला, 11 साल की उम्र में ही शुरू की थी गायकी

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