सुचित्रा सेन
- फोटो : एक्स- @vittalbalaji
रोमा से कैसे बनी सुचित्रा सेन?
रोमा को बचपन से गाने का शौक था, इस शौक को देख उनके पति ने उन्हें सिनेमा की दुनिया में जाने के लिए कहा। शुरुआत में उन्हें एक गाना ऑफर किया गया था, जिसमें उन्हें गाने का मौका नहीं मिला। फिर उस समय के मशहूर फिल्म निर्माता सुकुमार दासगुप्ता ने रोमादास गुप्ता का 'सात नंबर कैदी' फिल्म के लिए स्क्रीन टेस्ट कराया और वह टेस्ट में पास हो गई। इसके बाद निर्माता के असिस्टेंट नीतीश रॉय ने रोमा का नाम बदलकर सुचित्रा कर दिया था। फिर उन्होंने साल 1953 में तीन फिल्में साइन कीं, जिसमें एक थी 'काजोरी', जिसका निर्देशन निरेन लाहिड़ी ने किया था। वहीं दूसरी फिल्म थी 'सारे चतुर', जिसका निर्देशन निर्मल डे द्वारा किया गया था और फिल्म में हीरो के रूप में थे उत्तम कुमार। उत्तम कुमार के साथ यह फिल्म काफी चर्चित हुई, जिस कारण सुचित्रा सेन को बंगाली सिनेमा में मशहूर एक्ट्रेस में गिना जाने लगा। इसके अलावा अभिनेत्रा की तीसरी फिल्म थी 'भगवान श्री श्री कृष्ण चैतन्य', जिसका निर्देशन देबकी बोस ने किया था।