अपर्णा सूद
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शहरों और उनकी इमारतों को दिखाने में इस सीरीज में एक खास शैली का प्रयोग खूब हुआ है, इसके लिए किस तरह का शोध किया गया?
ये शैली उस समय की है जब मुंबई को लोग बॉम्बे के नाम से जानते थे और यहां 1929 के आसपास आर्ट डेकोर नामक स्थापत्य कला का बाहुल्य रहा। अब भी माटुंगा, दादर के आगे की आप पुरानी इमारतें देखेंगे तो वे सब आर्ट डेकोर बिल्डिंग हैं। मेरे हिसाब से मयामी के बाद मुंबई दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा शहर है जहां आर्ट डेकोर शैली की इमारतें हैं। रॉय टॉकीज का लोगो, इसके दरवाजों के हैंडल, गेट सब आर्ट डेकोर शैली के ही हैं।