शॉन कॉनरी
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लेकिन, जेम्स बॉन्ड किरदार के अधिकार रखने वाली टोली अलबर्ट ब्रॉकली और हैरी सैल्ट्जमैन से उनकी एक मुलाकात ने उनकी तकदीर बदल दी। बिना कसी ऑडीशन के दोनों ने उन्हें अपनी पहली फिल्म ‘डॉ. नो’ में जेम्स बॉन्ड बना दिया। 1962 में दुनिया ने किताबों से निकलकर परदे पर आया जेम्स बॉन्ड देखा और उसे बिल्कुल वैसा ही पाया जैसा अब तक वह पढ़ते आए थे। लंबा, गठीला, रौबदार, शानदार...! खूबसूरत लड़कियां उस पर मरती थीं और वह लोगों को जान से मार देने का लाइसेंस लेकर फिरता था, ‘लाइसेंस टू किल!’