ट्रॉय कोटसर
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ट्रॉय बोल नहीं सकते इसलिए इसलिए उन्होंने इशारों में कहा- इस सफर में यहां तक पहुंचना शानदार है। ये किसी चमत्कार से कम नहीं है और मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि मैं यहां हूं। उन्होंने आगे कहा कि ये अवॉर्ड मूक बधिर लोगों को और कोडा कम्युनिटी को समर्पित है। उन्होंने अपने होम टाउन, माता-पिता, भाई, पत्नी, बेटी को भी धन्यवाद कहा। ट्रॉय कोटसर की ऑस्कर लेने के बाद दी गई स्पीच भी चर्चा का विषय है।