फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Amar Singh Chamkila EXCLUSIVE: अमरजोत व चमकीला के बेटे से मिले भावुक इम्तियाज, डुगरी से एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

विज्ञापन
1 of 5
जैमन, चमकीला के स्मारक पर दीया जलाते हुए इम्तियाज - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
8 मार्च का दिन पंजाब के लोगों को कभी भूलता ही नहीं है। इसी मनहूस दिन उनके कोठा ढहाऊ कलाकार को सरेराह गोलियों से छलनी कर दिया गया था। कोठा ढहाऊ मतलब ऐसा कलाकार जिसे सुनने के लिए घर के छज्जों (कोठों) पर इतनी महिलाएं जुट जाएं कि सारे के सारे छज्जे ही नीचे आ गिरें। अमर सिंह चमकीला ऐसा ही तो कलाकार था। संगीत की दुनिया में उसे भारत का एल्विस प्रेस्ले कहते हैं। अपने समय में सबसे ज्यादा गाने बेचने का उसका रिकॉर्ड था। भरी महफिल में अमरजोत संग रंगत जमाता था और उसके संगीत का रंग ऐसा है कि आज भी हर साल की 8 मार्च को सूबे भर के कलाकार उसके गांव डुगरी में जुटते हैं, उसकी याद में अखाड़ा रचने को।
विज्ञापन

2 of 5
अमरजोत और अमर सिंह चमकीला - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
8 मार्च 1988 को महज 27 साल की उम्र में मार दिए गए गायक अमर सिंह चमकीला पर एक फिल्म बीते साल दिलजीत दोसांझ ने ‘जोड़ी’ नाम से बनाई। फिल्म कब आई, कब गई किसी को पता भी नहीं चला। दिलजीत दोसांझ से निर्देशक इम्तियाज अली तब मिले जब ‘जोड़ी’ बन चुकी थी। फिर दिलजीत ने चमकीला को लेकर इम्तियाज का नजरिया सुना। दोनों के सुर ऐसे मिले कि दिलजीत का सितारा भी चमक उठा। वह एक बार फिर से अमर सिंह चमकीला बने और इस बार उनके साथ आ जुड़े मौजूदा दौर के सबसे मशहूर संगीतकार ए आर रहमान। रहमान, दिलजीत, इरशाद कामिल और मोहित चौहान ने फिल्म ‘अमर सिंह चमकीला’ का जो संगीत बनाया है, उसे अभी से लोग इस साल का सबसे हिट म्यूजिक बता रहे हैं।
विज्ञापन

3 of 5
चमकीला के स्मारक पर खड़ी फिल्म की टीम, दिलजीत दोसांझ - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
इम्तियाज शुक्रवार को सुबह सुबह मुंबई से लुधियाना पहुंचे। वहां से उनके गांव डुगरी गए। अमर सिंह चमकीला पर फिल्म बनाने के पहले से लेकर फिल्म बनाने के बाद तक इम्तियाज पर चमकीला के संगीत का असर ऐसा है कि उसे बस उनके साथ दिन बिताने वाला इंसान ही समझ सकता है। उस दौर का संगीत रचने के लिए जो मेहनत इम्तियाज ने रहमान के साथ की है, उसकी मिसालें अभी बरसों बरस दी जाएंगी। हालांकि, शुक्रवार को इम्तियाज जब लुधियाना के डुगरी में लगे अखाड़े पर पहुंचे तो इम्तियाज ने सिर्फ एक ही मिसाल दी और वह थी अमर सिंह चमकीला की।
Sitare Zameen Par: डाउन सिंड्रोम मुद्दे को छूएगी 'सितारे जमीन पर'! आमिर खान की आगामी फिल्म पर आया बड़ा अपडेट

4 of 5
जैमन के साथ इम्तियाज, चमकीला का परिवार - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
लुधियाना के डुगरी में फिल्म ‘अमर सिंह चमकीला’ के निर्देशक इम्तियाज अली आए हैं, ये खबर पाकर आसपास के गांवों के तमाम युवा भागे चले आए। इन युवाओं में एक शख्स जैमन भी रहे। जैमन का जन्म अमर सिंह चमकीला और अमरजोत की हत्या के कुछ ही अरसा पहले हुआ था। इम्तियाज को देख जैमन भी भावुक हुए और इम्तियाज तो उसके पहले से ही रुंधे गले से ही सबसे मिल रहे थे। जैमन ने इम्तियाज के साथ कुछ तस्वीरें भी खींची।
Sukesh-Jacqueline: ठग सुकेश ने महिला दिवस पर जैकलीन के लिए लिखा प्रेम पत्र, कहा- 'तुमसे मिलने को बेताब हूं'
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
अमर सिंह चमकीला का परिवार - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
डुगरी में इम्तियाज ने अखाड़े में मौजूद लोगों से तो बातचीत की है, वह अमर सिंह चमकीला की पत्नी गुरमैल कौर, बेटी अमनदीप कौर और दामाद दिलराज सिंह से भी मिले। सबने इम्तियाज और फिल्म ‘अमर सिंह चमकीला’ की टीम का खूब खैरमकदम किया। इम्तियाज ने इस मौके पर अमर सिंह चमकीला के स्मारक पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि भी दी और उनकी याद में दीया भी जलाया। इस दौरान स्थानीय विधायक गुरदेव सिंह मान पूरे समय फिल्म की टीम के साथ रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें