Dhadak 2 Box Office Collection Day 4: सिद्धांत चतुर्वेदी और तृप्ति डिमरी की फिल्म 'धड़क 2' ने अपने बॉक्स ऑफिस आंकड़े से काफी निराश किया है। फिल्म ने सोमवार को कितना कलेक्शन किया, चलिए आपको बताते हैं।
बॉलीवुड की नई पीढ़ी की जोड़ी सिद्धांत चतुर्वेदी और तृप्ति डिमरी को लेकर बनाई गई फिल्म ‘धड़क 2’ अपनी रिलीज के महज चार दिन में ही दर्शकों के बीच टिकने के लिए संघर्ष करती नजर आ रही है। जहां पहले तीन दिन फिल्म किसी तरह से बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश कर रही थी, वहीं चौथे दिन यानी सोमवार को फिल्म की हालत और भी खराब हो गई।
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धड़क 2
- फोटो : यूट्यूब
चौथे दिन की कमाई में जबरदस्त गिरावट
1 अगस्त को रिलीज हुई इस रोमांटिक ड्रामा ने पहले दिन 3.5 करोड़ की कमाई की थी, दूसरे दिन मामूली बढ़ोतरी के साथ 3.75 करोड़ का आंकड़ा छुआ और रविवार को गिरावट के साथ 3.09 करोड़ कमाए। लेकिन हफ्ते की शुरुआत होते ही सोमवार को फिल्म बुरी तरह फिसल गई। चौथे दिन ‘धड़क 2’ महज 1.40 करोड़ रुपये ही कमा पाई, जो दर्शाता है कि वीकडेज में फिल्म की पकड़ लगभग खत्म हो चुकी है। चार दिनों की कुल कमाई अब 12.80 करोड़ रुपये पर पहुंची है।
‘सन ऑफ सरदार 2’ और ‘सैयारा’ ने छोड़ा पीछे
इस हफ्ते ‘धड़क 2’ का सीधा मुकाबला अजय देवगन की फिल्म ‘सन ऑफ सरदार 2’ से था, जो उसी दिन रिलीज हुई थी। एक्शन और इमोशन से भरपूर ‘सन ऑफ सरदार 2’ ने जहां सोमवार को भी 2.50 करोड़ रुपये की कमाई कर ली, वहीं ‘धड़क 2’ इससे काफी पीछे रह गई। इसके अलावा 18 जुलाई को रिलीज हुई फिल्म ‘सैयारा’ भी 18वें दिन 2.50 करोड़ रुपये कमा कर ‘धड़क 2’ को मात दे चुकी है। इससे साफ है कि दर्शकों का रुझान ‘धड़क 2’ की बजाय दूसरी फिल्मों की ओर ज्यादा है।
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धड़क 2
- फोटो : इंस्टाग्राम@karanjohar
कहानी में दम, लेकिन पकड़ नहीं
‘धड़क 2’ में सामाजिक मुद्दा- जाति व्यवस्था के साथ प्रेम कहानी को बुना गया है। फिल्म का निर्देशन शाजिया इकबाल ने किया है और इसमें सिद्धांत और तृप्ति के अलावा नासिर हुसैन, सौरभ सचदेवा और विपिन शर्मा जैसे कलाकारों की मौजूदगी भी है। हालांकि फिल्म के संवेदनशील सब्जेक्ट के बावजूद दर्शकों को वो कनेक्शन नहीं मिल पा रहा, जिसकी उम्मीद की जा रही थी।
कमजोर स्क्रिप्ट और धीमी रफ्तार
फिल्म का प्लॉट गंभीर जरूर है, लेकिन इसकी गति और स्क्रीनप्ले दर्शकों की रुचि बनाए रखने में विफल रहे हैं। वहीं दूसरी ओर ‘सैयारा’ में मनोरंजन के साथ-साथ भावनात्मक जुड़ाव ज्यादा देखने को मिला है, जिसका सीधा असर टिकट खिड़की पर पड़ रहा है।