देव आनंद, मनोज कुमार और जितेंद्र जैसे कई सितारों ने बॉलीवुड पर राज किया है। हालांकि उनके बेटे उनकी स्टारडम की बराबरी करने में नाकाम रहे। इन लोगों का करियर पिता की तरह नहीं चमका। इस खबर में हम उन कलाकारों की बात करेंगे जो सुपरस्टार के बेटे हैं लेकिन वह बॉलीवुड में फ्लॉप रहे।
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देव आनंद और सुनील आनंद
- फोटो : सोशल मीडिया
देव आनंद और सुनील आनंद
बॉलीवुड के 'सदाबहार नायक' कहे जाने वाले देव आनंद ने अपने अलग अंदाज से लोगों को प्रभावित किया। उन्होंने 'गाइड' और 'ज्वेल थीफ' जैसी फिल्मों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। जब उनके बेटे सुनील आनंद ने 1984 में 'आनंद और आनंद' से फिल्मों में कदम रखा, तो उम्मीदें आसमान छू रही थीं। हालांकि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही। इसके बाद उनकी 'कार थीफ' और 'मैं तेरे लिए' फिल्में भी नाकाम रहीं।
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मनोज कुमार और कुणाल गोस्वामी
- फोटो : सोशल मीडिया
मनोज कुमार और कुणाल गोस्वामी
भारतीय सिनेमा के दिग्गज कलाकार मनोज कुमार को फिल्म 'उपकार' और 'पूरब और पश्चिम' जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है। उनके बेटे कुणाल गोस्वामी ने श्रीदेवी के साथ 'कलाकार' (1983) से डेब्यू किया था। उनकी यह फिल्म दर्शकों को प्रभावित नहीं कर पाईं। लगातार फ्लॉप फिल्मों के बाद, उन्होंने अभिनय से पूरी तरह दूरी बना ली और अब दिल्ली में व्यवसाय कर रहे हैं।
जितेंद्र और तुषार कपूर
जितेंद्र 70 और 80 के दशक के सबसे बेहतरीन सितारों में से एक हैं। उनकी बेटी एकता कपूर को टेलीविजन में बड़ी कामयाबी मिली, लेकिन बेटे तुषार कपूर फिल्मों में वैसा कमाल नहीं दिखा पाए। करीना कपूर के साथ उनकी पहली फिल्म 'मुझे कुछ कहना है' (2001) ने उन्हें पुरस्कार दिलाए। उनकी फिल्म 'गोलमाल' ने अच्छा किया। इसके बाद उनकी फिल्में बहुत अच्छा नहीं कर सकीं।
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मिथुन चक्रवर्ती और मिमोह चक्रवर्ती
- फोटो : सोशल मीडिया
मिथुन चक्रवर्ती और मिमोह चक्रवर्ती
मिथुन चक्रवर्ती आज भी भारत में एक जाना-माना नाम है। उनके बेटे महाअक्षय, जिन्हें मिमोह के नाम से जाना जाता है, का डेब्यू फिल्म 'जिमी' (2008) से बेहद निराशाजनक रहा। अपने पिता द्वारा अपने करियर को फिर से पटरी पर लाने की तमाम कोशिशों के बावजूद, मिमोह एक दशक से भी ज्यादा समय तक बिना किसी हिट फिल्म के संघर्ष करते रहे।
राज कुमार और पुरु राज कुमार
अपने डायलॉग के लिए मशहूर राज कुमार ने 'वक्त', 'पाकीजा' और 'सौदागर' जैसी फिल्मों में काम किया। उनके बेटे, पुरु राज कुमार ने 'बाल ब्रह्मचारी' (1996) से फिल्मों में कदम रखा। यह फिल्म फ्लॉप रही। 'मिशन कश्मीर' और 'एलओसी कारगिल' जैसी कई फिल्मों में अभिनय करने के बावजूद, वह कभी भी एक प्रमुख अभिनेता के रूप में अपनी पहचान नहीं बना पाए।