श्वेता त्रिपाठी
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'सिनेमा समाज का आईना है'
सिनेमा और समाज के रिश्ते पर श्वेता कहती हैं, 'ऑडियंस जो देखना चाहती है, वही बनेगा। इसलिए कहानियों पर फोकस करना होगा। चाहे हीरो हो या हीरोइन - कहानी अच्छी होगी तो लोग देखेंगे। मुझे अलग-अलग तरह की लड़कियों का किरदार निभाना पसंद है, जो हमें सोचने पर मजबूर करें, जो स्टीरियोटाइप तोड़ें। यही सिनेमा की ताकत है।'