संस्कृति जयना
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रिलीज करीब आई तो डर शुरू हो गया
फिल्म की रिलीज करीब आते ही बढ़ते डर को बयां करते हुए एक्ट्रेस ने कहा कि जब हम शूट कर रहे थे, तब हम अपनी ही एक दुनिया में थे। हम पूरी तरह उस प्रोसेस में डूबे हुए थे। लेकिन जैसे ही फिल्म रिलीज के लिए तैयार हुई, असली घबराहट वहीं से शुरू हुई। हमने इस फिल्म में दिल और जान लगा दी थी। मेरे पेरेंट्स तक परेशान हो गए थे क्योंकि मैं सत्यभामा और भगवान कृष्ण की दुनिया में बहुत ज्यादा खो गई थी। बस यही उम्मीद थी कि हमारी मेहनत और भावनाएं लोगों तक पहुंचें।
लोग राधा और रुक्मिणी को जानते हैं, लेकिन सत्यभामा को नहीं
सत्यभामा के किरदार को लेकर को लेकर संस्कृति ने कहा कि मुझे लगता है सत्यभामा का प्यार हमेशा मेरे साथ रहेगा। आज भी जब मैं उनके बारे में बात करती हूं तो इमोशनल हो जाती हूं। लोग राधा और रुक्मिणी की कहानी जानते हैं, लेकिन बहुत कम लोग सत्यभामा के बारे में जानते हैं। इस फिल्म के जरिए पहली बार उनकी कहानी लोगों तक पहुंच रही है। इसलिए मुझे बहुत बड़ी जिम्मेदारी महसूस होती थी।