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Ali Abbas Zafar Interview: हर सोल्जर एक संत होता है, सिनेमा के जरिये इंसानियत को कायम रखने पर मेरा जोर

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अली अब्बास जफर - फोटो : अमर उजाला
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देवभूमि, उत्तराखंड की मिट्टी में पले बढ़े अली अब्बास जफर हिंदी सिनेमा के उन चुनिंदा निर्देशकों में शामिल हैं जिनके नाम से दर्शक सिनेमाघरों में फिल्में देखने आते हैं। ‘सुल्तान’, ‘टाइगर जिंदा है’ और ‘भारत’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में निर्देशित कर चुके अली ईद पर अपनी फिल्म ‘बड़े मियां छोटे मियां’ लेकर आ रहे हैं। चर्चाएं ये भी हैं कि वह यशराज स्पाई यूनिवर्स की अगली फिल्म निर्देशित कर सकते हैं। इसके अलावा उनकी दो और फिल्मों ‘सुपर सोल्जर’ और ‘मि. इंडिया 2’ का भी उनके प्रशंसकों को बेसब्री से इंतजार है। फिल्म ‘बड़े मियां छोटे मियां’ की रिलीज की तैयारियों में दिन-राज जुटे अली अब्बास जफर से ‘अमर उजाला’ के सलाहकार संपादक पंकज शुक्ल की खास मुलाकात।
 
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अली अब्बास जफर - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मु्ंबई
फिल्म ‘बड़े मियां छोटे मियां’ दो दोस्तों के बीच भाइयों जैसी मोहब्बत की कहानी सी दिखती है। भारतीय सेना के कौन से अलहदा रंग इस फिल्म में दिखने वाले हैं?
सेना में नौकरी करने वाला हमारे देश का हर नौजवान वतन पर मर मिटने का जोश लेकर घर से निकलता है। लेकिन, इसके चलते वह हमेशा दुखी सा ही रहता हो, ऐसा भी नहीं है। ये वे लोग हैं जिन्होंने अपना जीवन वतन के नाम तो कर दिया है लेकिन इनके जीवन की उमंगें, उल्लास और उत्साह हम सबसे कहीं ज्यादा होता है। इन्हें देखकर ये सीखा जा सकता है कि कैसे अनुशासन के दायरे में रहकर जीवन को इसकी सारी रंगीनियों के साथ जिया जाए। अमेरिका के लोग तो कहते भी हैं जैसे उनके परदे के हीरो दिखते हैं, वैसे हीरो भारतीय सेना के अफसर और जवान असल में दिखते हैं। देखा जाए तो जिंदगी का साथ अपने हरफनमौला अंदाज में निभाता हर सोल्जर एक संत होता है।
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बड़े मियां छोटे मियां - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
बीता साल एक्शन का साल रहा। इस साल हर तरह की फिल्में देखने लोग घरों से निकल रहे हैं। आपकी ये फिल्म ‘गदर 2’, ‘जवान’ और ‘पठान’ की ही एक्शन परंपरा को आगे बढ़ाएगी, या कुछ और भी इस फिल्म में है?
फिल्म ‘बड़े मियां छोटे मियां’ एक ऐसी एक्शन फिल्म है जिसे देखते समय दर्शकों के चेहरे पर एक अलग ही मुस्कान दिखेगी। आमतौर पर एक्शन फिल्में देखते समय दर्शक सीटों से चिपके रहते हैं, यहां लोग हंसेंगे, ठहाके लगाएंगे और साथ में एक्शन का रोमांच भी देखेंगे। मेरी फिल्म ‘एक्शन विद ए स्माइल ऑन फेस’ फिल्म है। साथ में रिश्तों की संवेदनाएं हैं। मानवीय अनुभूतियां हैं और है एक ऐसी कहानी जो अपने आप में किसी सुपरस्टार जैसी है। फिल्म की कहानी एक ऐसा चमकता सितारा होती है, जिसके चारों तरफ बाकी सितारे मिलकर गैलेक्सी बनाते हैं।

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अली अब्बास जफर - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मु्ंबई
सलमान खान ने आपकी इस फिल्म के ट्रेलर की प्रशंसा की। शाहरुख खान और आमिर खान के साथ अलग-अलग एक्शन फिल्में करने की इच्छा भी आप हाल के दिनों में जता चुके हैं, तीनों को लेकर एक धमाकेदार एक्शन फिल्म क्यों नहीं?
सलमान खान, शाहरुख खान और आमिर खान के साथ एक्शन फिल्में करने की मेरी तमन्नाएं शुरू से रही हैं। सलमान खान से मेरा रिश्ता ‘सोल ब्रदर्स’ जैसा है। उनके साथ फिल्में करके मैंने बहुत कुछ सीखा है और उनको करीब से जाना है। शाहरुख खान के साथ एक्शन फिल्म करना एक चुनौती जैसा होगा क्योंकि उनकी दो एक्शन फिल्में बीते साल ब्लॉकबस्टर रही हैं। रही बात तीनों खान सितारों को किसी एक एक्शन फिल्म में साथ लाने की तो पहले तो इसके लिए किसी को निर्माता को तैयार होना चाहिए। ये मुश्किल तो है लेकिन नामुमकिन नहीं।
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बड़े मियां छोटे मियां - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मु्ंबई
हां, वैसे भी ‘बड़े मियां छोटे मियां’ में तो तीन सितारों के साथ ही आपने बनाई है..
बिल्कुल ठीक कहा आपने, ‘बड़े मियां छोटे मियां’ में तीन हीरो हैं। अक्षय और टाइगर के अलावा पृथ्वीराज सुकुमारन भी फिल्म के हीरो हैं और वह कमाल के अभिनेता है। इस फिल्म को बनाते समय मेरे जहन में ‘त्रिदेव’ और ‘विश्वात्मा’ जैसी फिल्में रही हैं। पृथ्वीराज का चेहरा अभी तक दर्शकों ने देखा नहीं है। न टीजर में, न ट्रेलर में। मेरा मानना है कि फिल्म का ट्रेलर हमेशा ऐसा होना चाहिए कि उससे ज्यादा दर्शकों को फिल्म में दिखे। किसी भी फिल्म का ट्रेलर एक तरह की उम्मीदों का पैमाना तय करता है। हर फिल्म को अपने ट्रेलर से कही ज्यादा दर्शकों को देना चाहिए। मैं ये वादा कर सकता हूं कि ‘बड़े मियां छोटे मियां’ अपने ट्रेलर से 10 गुना ज्यादा आनंद दर्शकों को देगी।
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बड़े मियां छोटे मियां - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
आपके सिनेमा में शुरू से भारत की विविधताओं के रंग रहे हैं। ‘बड़े मियां छोटे मियां’ में भी ऐसा कुछ है?
फिल्म ‘बड़े मियां छोटे मियां’ 10 अप्रैल को ईद पर रिलीज हो रही है। उससे एक दिन पहले पूरे देश में नवरात्रि और नववर्ष शुरू हो रहे हैं। इन उत्सव पर्वों से बेहतर मेरी फिल्म के लिए रिलीज का दूसरा समय और क्या हो सकता है? मेरी फिल्मों का संदेश कह लें या मकसद, यही रहा है कि हम सब एक दूसरे की खुशियों में शामिल हों। लोकप्रिय होना, धनवान होना, ये सब कोई भी हासिल कर सकता है लेकिन मेरे सिनेमा की पहली प्राथमिकता है कि हीरो को अच्छा इंसान होना चाहिए। मेरा सिनेमा इंसानियत को कायम रखने पर जोर देता है।
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अली अब्बास जफर - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मु्ंबई
आपकी दो फिल्मों का आपके प्रशंसकों का बेसब्री से इंतजार रहा है, पहले ‘सुपर सोल्जर’ की बात करते हैं..
‘सुपर सोल्जर’ एक महिला प्रधान एक्शन हीरो फिल्म है। इसकी पटकथा बेहद कमाल की है। कैटरीना कैफ को ध्यान में रखकर ही ये फिल्म लिखी गई। लेकिन, इसका एक्शन बहुत विशाल स्तर का है और जिसे फिल्माने के लिए हमें बहुत विस्तार से तैयारियों की जरूरत है। ये एक बहुत ही खतरनाक एक्शन फिल्म है, कुछ कुछ ‘किल बिल’ जैसी।

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अली अब्बास जफर - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मु्ंबई
और, ‘मिस्टर इंडिया 2’!
हां, इन दिनों इस फिल्म की बातें बहुत हो रही हैं। इसकी सीक्वल भी पाइप लाइन में हैं। मूल फिल्म के अधिकार जी स्टूडियोज के पास हैं। इसे देश की पहली सुपरहीरो फिल्म का तमगा भी मिला हुआ है। ‘मिस्टर इंडिया 2’ को हम उसी मूल भावना के साथ बनाना चाहते हैं जो ‘मिस्टर इंडिया’ की है। ये एक विज्ञान आधारित सुपरहीरो फिल्म है। पहली फिल्म में एक वैज्ञानिक प्रयोग के चलते इंसान को अलौकिक शक्तियां मिलती हैं। इसकी सीक्वल भी ऐसे ही एक वैज्ञानिक प्रयोग पर आधारित है।
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