जिंदगी ना मिलेगी दोबारा
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वहीं रीमा कागती का फिल्म को लेकर कहना है कि 'लोगों को इस तरह की फिल्में इसलिए पसंद आती हैं, क्योंकि इसकी लिखाई में कोई फॉर्मेट या फॉर्मूला नहीं होता। किरदारों की जिंदगी से जो भी ख्वाहिशें थीं, उन्हें हमने बड़े स्वाभाविक अंदाज में पेश किया था। कुछ भी थोपा हुआ नहीं था।" इस बारे में जोया ने कहा, "उस फिल्म में हमारे किरदारों का कोई ग्राफ नहीं था। उसके बजाय शुरूआत में वो इमोशनली कैसे हैं और एक जर्नी उन्हें आखिर में क्या बदलाव लाएगी, उसे ध्यान में रख कैरेक्टर क्रिएशन किए गए।"