जीनत अमान
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जीनत अमान ने पोस्ट में आगे लिखा, 'मेरा संदेश एलजीबीटीक्यूआईए प्लस समुदाय के लिए नहीं है। वे अपने अनुभवों को सबसे अच्छी तरह जानते हैं। मेरा संदेश सीधे लोगों के लिए है, विशेषकर उन पुरानी पीढ़ियों के लिए जो विचित्र पहचानों के अस्तित्व को स्वीकार करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, या सिरे से नकार रहे हैं। मैं कोई मनोवैज्ञानिक नहीं हूं, लेकिन मैं जानती हूं कि स्वस्थ्य संस्कृतियां लगातार विकसित हो रही हैं। न ही मैं प्रकृतिवादी हूं, लेकिन मैं जानती हूं कि विभिन्न प्रजातियों में अजीब रिश्ते मौजूद हैं। इससे परे स्वतंत्र इच्छा का सरल मामला है। मेरा अपना दर्शन हमेशा जियो और जीने दो का रहा है।