kabir singh
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कबीर सिंह
साल 2019 में आई फिल्म कबीर सिंह एक 'डिसरप्टर' फिल्म मानी जा सकती है। फिल्म के लिए खूब तालियाँ पड़ीं लेकिन ये आरोप भी लगे कि ये औरतों को नीचा दिखाने वाली फिल्म थी। मसलन फिल्म में एक सीन है जहाँ प्यार में चोट खाया हीरो कबीर सिंह (शाहिद कपूर) एक लड़की को चाक़ू की नोक पर कपड़े उतारने को कहता है। लड़की की ना का उसके लिए कोई मतलब नहीं। उसकी प्रेमिका का दुपट्टा जरा से सरकता है तो वो उसे ढँकने के आदेश देता है। प्रेमिका को ये कहने में उसे कोई झिझक नहीं होती कि "कॉलेज में लोग तुम्हें सिर्फ़ इसलिए जानते हैं क्योंकि तुम कबीर सिंह की बंदी हो।"
कबीर सिंह बिना उसकी मर्जी पूछे हीरोइन को अपने साथ ले जाता है, छूता है, चूमता है, मारता है। उससे भी ज्यादा परेशान करने वाली बात ये कि वो लड़की उफ्फ तक नहीं करती। फिल्म में जैसे उस लड़की को कोई आवाज या अधिकार ही नहीं दिए गए। सारे जज्बात, प्यार, गुस्सा, आक्रोश फिल्म के हीरो के हिस्से हैं। उसकी 'बंदी' एक बंद, बेजबान गुड़िया की तरह है। फिल्म गली बॉय की हीरोइन सफीना (आलिया) से बिल्कुल उलट।