फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

साइकिल का पंक्चर ठीक करने का काम करता था ये एक्टर, अब एक फिल्म के लेता है लाखों रुपये

Tue, 01 Jan 2019 08:05 AM IST
shrilata biswas एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
yashpal shama with aamir khan - फोटो : file photo
हरियाणा के हिसार में जन्मे एक्टर यशपाल शर्मा रंगमंच से बॉलीवुड तक का सफर तय किया। 1 जनवरी 1965 को जन्मे यशपाल शर्मा ने फिल्म जिंदगी एक जुआ से बॉलीवुड डेब्यू किया। गोविंद निहलानी की फिल्म हजार चौरासी की मां से उन्हें बड़ा ब्रेक मिला। इसके बाद यशपाल शर्मा ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उनके जन्मदिन पर जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़ी कुछ खास बातें। 
विज्ञापन

2 of 5
yashpal sharma - फोटो : file photo
यशपाल शर्मा के पिता स्कूल में चपरासी का काम करते थे। पिता की इनकम ज्यादा नहीं होने की वजह से घर में आर्थिक तंगी का माहौल था। स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई के दौरान यशपाल ट्यूशन पढ़ाकर अपना खर्च निकालते थे। हिसार और चंडीगढ़ के बाद यशपाल दिल्ली पहुंचे और नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा ज्वाइन किया। दिल्ली से पढ़ाई के बाद यशपाल साल 1997 में मुंबई रवाना हुए।
विज्ञापन

3 of 5
yashpal sharma - फोटो : file photo
फिल्मों में आने से पहले यशपाल शर्मा घर चलाने के लिए चांदी का काम करते थे, वो पायल और मंगलसूत्र बनाते थे। इसके लिए उन्हें 300 रुपये महीना मिलता था। इसके अलावा उन्होंने आटा चक्की चलाने और साइकिल का पंक्चर बनाने का काम भी किया है। एक इंटरव्यू में यशपाल शर्मा ने कहा कि 'जिंदगी में इतने काम किये कि जब फिल्मों में इस तरह के रोल मिलते हैं तो ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती।'

4 of 5
yashpal sharma - फोटो : file photo
हिसार में रहते हुए यशपाल शर्मा रामलीला में हिस्सा लेते थे। जिसमें वो हनुमान और लक्ष्मण का किरदार निभाते थे। यहीं से ही उनका रुझान एक्टिंग की ओर बढ़ने लगा। यशपाल कहते हैं कि 'जब सोच लिया कि एक्टिंग ही करनी है तो 500 या 1000 लोगों के सामने क्यों करनी। पूरी दुनिया को इसे दिखाना चाहिए।' 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
yashpal sharma - फोटो : file photo
यशपाल की मुख्य फिल्मों की बात करें तो उन्होंनेे हजारों ख्वाहिशें ऐसी, लगान, गंगाजल, अब तक छप्पन, अपहरण, सिंह इज किंग, गैंग्स ऑफ वासेपुर  और राउडी राठौर जैसी कई फिल्में कीं। यशपाल शर्मा कहते हैं कि 'मुंबई आने पर जिन लोगों के भरोसे आया था वो काम नहीं आए बल्कि अनजान लोगों ने मेरी मदद की। जो मुंबई आना चाहते हैं उन्हें बस इतना कहना चाहूंगा कि किसी के भरोसे मत आना।'
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें