यश जौहर
यश कुल नौ भाई-बहन थे, जिनमें सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे यश ही थे, जिसकी वजह से उनके पिता ने उन्हें दुकान पर बैठा दिया था। यश को दुकान पर बैठना बिल्कुल भी पसंद नहीं था, जब यह बात उनकी मां को पता चली तब उन्होंने कहा, 'तुम मुंबई चले जाओ मिठाई की दुकान संभालने के लिए तुम नहीं बने हो।' उनकी मां ने यश जौहर के मुंबई जाने से एक हफ्ते पहले ही घर से गहने और कुछ पैसे गायब कर दिए। इसका शक सिक्योरिटी वाले पर गया और उसकी पिटाई भी हुई, लेकिन यश की मां तो बेटे को मुंबई भेजने के लिए पैसे का जुगाड़ कर रही थीं।