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वर्ल्ड थियेटर डे पर घर बैठे उठाइए इन मशहूर नाटकों का लुत्फ, कोरोना भी नहीं डाल पाएगा खलल

Fri, 27 Mar 2020 03:03 PM IST
प्रतीक्षा राणावत मुंबई ब्यूरो, अमर उजाला
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World theater Day - फोटो : Social Media
प्रत्येक वर्ष थियेटर प्रेमी 27 मार्च को वर्ल्ड थियेटर डे के मौके पर शहर के मशहूर नाटक देखने के लिए घर से बाहर निकलते हैं। मुंबई जैसी जगहों पर ऐसे दर्शकों की संख्या अधिक होती है, यहां लोगों के अंदर नाटकों को लेकर उत्साह देखा जाता है। वे बढ़-चढ़ कर नाटकों के साक्षी बनते हैं। हालांकि कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के चलते पूरा देश अपने घरों में कैद है। लेकिन निराश होने की जरूरत नहीं है। आज के इस डिजिटल युग में सब कुछ आपकी पहुंच में आ गया है। थियेटर प्रेमी सिनेमा जगत के कलाकरों से सजे हुए नाटकों को जी थियेटर के जरिए जी5 से लेकर डिश टीवी, डी टू एच समेत दूसरे प्लेटफॉर्म पर देख सकते हैं।
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अग्निपंख - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
अग्निपंख
यह टेलीप्ले 1948 की दमनकारी जमींदारी प्रणाली के खिलाफ है। नाटक में दुर्गेश्वरी, परिवार और समाज में अपनी स्थिति को बनाए रखने के लिए भरसक प्रयास करती हैं। यह किरदार मीता वशिष्ठ द्वारा निभाया गया है।
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बगिया बंचराम की - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
बगिया बंचाराम की
यह ग्रामीण भारत में सामंती जमींदारी प्रथा की पृष्ठभूमि के खिलाफ सत्ता और गौरव की एक हास्य कहानी है। एक बुजुर्ग बंचाराम अपने बाग को दो लालची जमींदारों के हाथों से सुरक्षित रखने के लिए लड़ रहा है। जिनमें से एक भूत होता है।

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सविता दामोदर परंजपे - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
सविता दामोदर परांजपे
सविता दामोदर परांजपे एक मनोवैज्ञानिक थ्रिलर है। इस नाटक में शरद और कुसुम की कहानी देखने को मिलती है जिनकी शादी को आठ साल हो चुके हैं। हालांकि, कुसुम के स्वास्थ्य के चलते उनकी खुशी में खलल पड़ जाती है। उनका जिदंगी तब बदल जाती है जब उनके पड़ोसी के भतीजे अशोक की एंट्री होती है। उसके आने से छिपे हुए रहस्य उजागर होने लगते हैं। इसमें शिल्पा तुलास्कर ने मुख्य भूमिका निभाई है।
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रॉन्ग टर्न - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
रॉन्ग टर्न
एक युवा व्यक्ति की जिंदगी में तब बदलाव आ जाता है जब वह तीन सेवानिवृत्त वकीलों के साथ एक अस्थायी परीक्षण में भाग लेता है। जो खेल के रूप में शुरू होता है वह जल्द ही एक बुरे सपने में बदल जाता है। इस नाटक में वरुण बडोला, गोविंद नामदेव, लिलिपुट फारुकी, ललित तिवारी और सुनील सिन्हा जैसे कलाकार अहम किरदार में हैं।
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द बिग फैट सिटी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
बिग फैट सिटी
निहारिका और मुरली अपने नए अपार्टमेंट में एक पार्टी कर रहे होते हैं। एक बिन बुलाए मेहमान के चलते जल्द ही यह पार्टी एक तनावपूर्ण स्थिति में बदल जाती है। शिल्पा शुक्ला, भावना पाणि, मानसी मुल्तानी और सिड मक्कर अभिनीत इस नाटक में आप सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि पार्टी वाली रात को कितने लोग बच पाते हैं।
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श्याम की मम्मी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
श्याम की मम्मी
यह आधुनिक शिक्षा प्रणाली की खामियों पर एक हास्यपूर्ण नाटक है। इसमें एक चिंतित मां अपने बेटे को परीक्षा में टॉप करने के लिए मजबूर करती है।  इसके लिए वह अपने बच्चे को सभी तरह की खुशियों से वंचित रखती है। यह भारतीय परिवेश में गढ़ा गया नाटक है। इसमें निमृति सावंत और मिलिंद पाठक अहम किरदारों में हैं।

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संध्या छाया - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
संध्या छाया
70 के दशक की एक विशिष्ट कहानी को एक सामान्य तरीके से बताया गया है। संध्या छाया की कहानी एक पुराने दंपति के जीवन के चारों ओर घूमती है। उन्हें काफी आशा है कि उनके बेटे लौट आएंगे और उनके साथ रहेंगे। यह अकेलेपन और परिवार की दिल छू लेने वाली कहानी है। इसमें दीपक काजिर केजरीवाल और उत्तरा बाओकर ने खास रोल प्ले किया है।

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डॉल्स हाउस - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
डॉल्स हाउस
डॉल्स हाउस स्वास्तिका मुखर्जी द्वारा अभिनीत एक विवाहित महिला की कहानी है। वह ऐसे राज को छिपाने को लेकर संघर्ष करती है जो उसकी शादीशुदा जिंदगी को हिला कर रख सकता है। वह एक बेशकीमती गुड़िया होने के बजाए अपने पति के स्नेह के लिए तरसती है।

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पुरुष - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
पुरुष
अपने नाम के विपरीत, पुरुष एक पितृसत्तात्मक समाज में एक मजबूत महिला की कहानी है। नाटक में अंबिका ने मुख्य किरदार निभाया है जो अन्य महिलाओं के लिए आवाज उठाने का विकल्प चुनती हैं। इन महिलाओं को अन्याय और उत्पीड़न का शिकार होना पड़ा है और वे समाज से बाहर हैं। अंबिका अदम्य भावना के साथ अपने घर के भीतर और बाहर पितृसत्ता से लड़ती है। पुरुष में आशुतोष राणा और गुलकी जोशी नजर आएंगे।
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रिश्तों का लाइव टेलीकॉस्ट - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
रिश्तों का लाइव टेलीकॉस्ट
यह एक मध्यम वर्गीय परिवार की कहानी है। यह परिवार वैसे तो अंतहीन तरह से आपस में लड़ते हैं लेकिन एक रियलिटी शो के लिए वे अपने बीच अच्छी केमिस्ट्री दिखाते हैं। इस दौरान वे एक दूसरे को बेहतर तरीक से समझते हैं जो उन्होंने पूरी जिंदगी नहीं किया था। नाटक में हिमानी शिवपुरी और अंजन श्रीवास्तव लीड रोल में हैं।
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