60 और 70 के दशक में फिल्मी परदे पर राज करने वाली बॉलीवुड की मशहूर हीरोइन आशा पारेख इस बात से बेहद खुश हैं कि उन्होंने नाम, दौलत-शोहरत तो कमाई ही साथ ही लोगों का प्यार और जुड़ाव भी मिला। लेकिन इतनी सफलता के बाद भी आशा पारेख की जिंदगी में भी एक ऐसा वक्त आया था जब उन्हें डिप्रेशन ने अपनी बांहों में जकड़ लिया और उनके मन में सुसाइड जैसे ख्याल आने लगे।
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asha parekh bollywood flashback
अपने करियर में आशा पारेख ने 70 के दशक के हर बड़े स्टार के साथ काम किया। जाहिर है ये डिप्रेशन उनके फिल्मी करियर की वजह से नहीं था। आशा पारेख डिप्रेशन का शिकार तब हुईं जब उनके पेरेंट्स गुजर गए। आशा पारेख ने इसका खुलासा खुद किया है।
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आशा पारेख
पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में आशा पारेख ने कहा, 'वो मेरे लिए बहुत बुरा दौर था। मैं अपने पेरेंट्स को खो चुकी थी। मैं बिल्कुल अकेली पड़ गई थी और सब कुछ मुझे अकेले ही संभालना था। इसकी वजह से मैं डिप्रेशन में रहने लगी। मुझे बहुत बुरा लगता था और कई बार सुसाइड करने जैसे विचार मन में आते थे। लेकिन फिर मैं उससे बाहर निकली और ये मेरे लिए काफी संघर्ष भरा था। इसमें मुझे डॉक्टरों की मदद लेनी पड़ी।'
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फिल्म के एक सीन में मनोज कुमार के साथ आशा पारेख
आशा पारेख कहती हैं कि एक एक्टर के तौर पर उनके पास फैंस का ढेर सारा प्यार है लेकिन आज भी वो अकेला ही महसूस करती हैं। उन्होंने आगे कहा, 'ये अकेलापन ही है। सफलता की चोटी पर पहुंचने के बाद आप हमेशा अकेले ही होते हो। मैं बहुत खुशनसीब हूं कि मेरे साथ मेरे पेरेंट्स थे। मेरी मां मेरी करियर के लिए रीड की हड्डी के समान थीं, वो मेरी जिंदगी थीं। उनको खोने के बाद मैं डिप्रेशन में चली गई। लेकिन ये बहुत बड़ी राहत है कि वो बुरा दौर अब खत्म हो चुका है।'
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आशा पारेख
आशा पारेख ने अपनी करियर की शुरुआत बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट की थी, जिसके बाद उन्होंने कई बेहतरीन फिल्में कीं और अवॉर्ड जीते। उनकी छवि एक ऐसी अभिनेत्री की थी जिस तक पहुंचना या मिलना आसान काम नहीं है और शायद इसीलिए किसी ने कभी भी उनका हाथ नहीं मांगा।
ऐसा नहीं है कि उनके माता-पिता ने शादी करवाने के लिए कोशिश नहीं की, पर हालात कुछ ऐसे बने कि किसी भी लड़के के साथ उनकी शादी की बाद नहीं बनी और वो कुंवारी ही रह गईं।