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जब वहीदा रहमान ने की थी जेंडर इक्वालिटी के बारे में बात, बताई थीं मर्दों और औरतों की जिम्मेदारियां

Thu, 13 Aug 2020 02:16 AM IST
प्रतीक्षा राणावत प्रतीक्षा सिंह राणावत, अमर उजाला
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वहीदा रहमान- इतिहास का पर्दा - फोटो : रोहित झा, अमर उजाला
हमेशा से ही समाज में मर्दों और औरतों को लेकर कई अलग अलग धारणाएं रही हैं। समाज ने शुरुआत से ही मर्द और औरतों की जिम्मेदारियों को अलग- अलग बांट रखा है। हालांकि अब के वक्त में काफी परिवर्तन आया है। लेकिन एक जमाना ऐसा भी था जब औरतों की जिम्मेदारियां केवल घर और बच्चों की ही थीं। ऐसे में घर से बाहर निकलकर काम करना औरतों के लिए बहुत बड़ी बात थी। लेकिन ये चैलेंज सबसे ज्यादा था फिल्म इंडस्ट्री की औरतों के लिए। ऐसे  में किसी फिल्म अभिनेत्री का जेंडर इक्वालिटी की बात करना भी बड़ी बात था। लेकिन एक अभिनेत्री ऐसी भी रहीं जिन्होंने खुलकर इस मुद्दे पर बात की थी।
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वहीदा रहमान - फोटो : Youtube
ये अभिनेत्री हैं वहीदा रहमान। वहीदा रहमान अपने जमाने की दिग्गज अभिनेत्री हैं। वो अक्सर अपनी बातें बेबाकी से किया करती हैं। वहीदा ने हमेशा अपना हर प्वाइंट बेहतरीन तरीके से रखा है। ऐसे में जब वहीदा रहमान से जेंडर इक्वालिटी के बारे में बात की गई थी तो उन्होंने इसका जवाब भी बड़ी ही बेबाकी से दिया था। वहीदा ने औरतों और मर्दों की जिम्मेदारी के बारे में बात करते हुए कहा था कि जिम्मेदारियां हमेशा औरतों की ही नहीं होती। अगर कोई मर्द अपने पिता होने की जिम्मेदारी नहीं निभाता तो एक घर बिगड़ जाता है। और अगर कोई औरत मां होने की जिम्मेदारी नहीं निभाती तो पूरी कौम बिगड़ जाती है।
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वहीदा रहमान - फोटो : Self
दरअसल एक पुराने इंटरव्यू में जब वहीदा से पूछा गया था कि औरत चाहें किसी भी फील्ड की हो सबसे पहले वो औरत है। औरत होने के नाते उस पर क्या जिम्मेदारियां होती हैं। इस सवाल के जवाब में वहीदा ने कहा, 'देखिए मेरे ख्याल से जिम्मेदारियां जिंदगी में सिर्फ औरत की नहीं होती, मर्दों पर भी बराबर की होती है। लेकिन कुछ सदियों से औरतों और मर्दों के दिमाग में ये है कि घर संभालने में, बच्चों को पालने में, अच्छी बहन, बेटी, मां बनने में औरत की ज्यादा जिम्मेदारी है। एक हद तक तो सही है मगर पूरी तरह से नहीं।'

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वहीदा रेहमान - फोटो : Social Media
आगे वहीदा कहती हैं, 'औरत की ये जिम्मेदारी है कि वो जो भी काम करें। कही भी जाएं तो उसे सलीके से पेश आना चाहिए। ताकि वो जो काम करें क्योंकि मेरे ख्याल से काम बुरा नहीं होता। करने वाले बुरे होते हैं। वो जैसे पेश आते हैं जैसे बिहेव करते हैं, अगर हम बदतमीजी से पेश आएं तो कहते हैं देखिये फलाना जगह काम करते हैं इसके लिए  तौर तरीका इनका अलग है। तो इसमें खुद के जैसे पेश आना, बातचीत करना इस पर बहुत कुछ है। औरत की जिम्मेदारी है अपने आप को संभालकर रखना, अपने घरवालों को अपने बच्चों को मां बाप की कद्र करना। तो जो इस माहौल से बच्चों पर मेरा ख्याल है कि मां का असर ज्यादा होता है।'
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waheeda rehman
बता दें कि यूं तो वहीदा ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत तेलुगू सिनेमा से की थी, लेकिन उन्हें हिंदी सिनेमा में पहला ब्रेक मिला फिल्म सीआईडी से मिला , इस फिल्म में उन्होंने निगेटिव भूमिका अदा की थी। इस फिल्म में वहीदा के साथ गुरु दत्त नजर आए थे।  गुरु दत्त और वहीदा ने मिलकर कई फिल्मों में काम किया जिनमें  प्यासा, कागज के फूल, चौदहवीं का चांद, साहिब-बीवी और गुलाम शामिल हैं।

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