प्रीति जिंटा बर्थडे
- फोटो : instagram/realpz
आगे प्रीति ने बताया, 'मैं उस वक्त फुकेट में थी। मेरे ज्यादातर दोस्त उस सुनामी में गुजर गए। बस मैं अकेली थी जो जिंदा बची। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे। वो बहुत मुश्किल समय था।' करीबी दोस्तों को खोने का प्रभाव प्रीति पर भी गहरा पड़ा था। उन्होंने आगे बताया, 'मैं वापस सोचते हुए आई कि मैं क्यों बच गई। तो इसलिए मैंने सोचा कि मुझे अपनी जिंदगी के साथ वही करना चाहिए जो मैं सच में चाहती हूं।'