फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संडे बाइस्कोप: समझिए कहां से आई रामू की हिट फिल्म सत्या की कहानी, किस्से बीते हफ्ते रिलीज फिल्मों के

विज्ञापन
1 of 7
सोहनी महिवाल, गीत गाता चल, कुली नं. वन - फोटो : रोहित झा, अमर उजाला
आज के संडे बाइस्कोप में आपके लिए हम जिन छह फिल्मों के किस्से लाए हैं उनमें शामिल हैं सनी देओल और पूनम ढिल्लों की फिल्म सोहनी महिवाल, गोविंदा और करिश्मा कपूर की फिल्म कुली नंबर वन, रबींद्रनाथ टैगोर की कहानी पर बनी फिल्म गीत गाता चल, गॉसिप मैगजीन की सनसनी बनी दीपा मेहता और शाहरुख खान की फिल्म माया मेमसाब, सुधीर मिश्रा की फिल्म इस रात की सुबह नहीं की कहानी के विस्तार पर बनी फिल्म सत्या और हिंदी सिनेमा के इतिहास में बेस्ट विलेन का अवॉर्ड जीतने वालीं पहली हीरोइन काजोल की फिल्म गुप्त। पढ़िए ये किस्से और खो जाइए उन फिल्मों की यादों में, जिन्होंने अपनी रिलीज के साल खूब धूम मचाया।
विज्ञापन

2 of 7
फिल्म- सोहनी महिवाल - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
हिट गानों से पकी कहानी
फिल्म सोहनी महिवाल का एक सुपरहिट गाना है, सोनी चनाब दे किनारे…। आनंद बक्षी ने यूं लगता है कि जैसे अपना दिल उड़ेल दिया हो इस गाने में। अनु मलिक ने भी ये गाना इसकी पूरी पंजाबियत के साथ कंपोज करके अपने पिता सरदार मलिक का नाम रोशन किया। गाने की धुन तैयार होने के बाद आशा भोसले को जब मौका मिला तो वह आईं गाना रिकॉर्ड करने। गाने का मूड समझाने के लिए उन्हें इसका स्क्रैच सुनाया गया, इसे सुनकर ही आशा भोसले को ये गाना डब करना था। आशा ने जैसे ही गाने का मुखड़ा सुना, उन्होंने आंखें मूंद ली। पूरा गाना सुनने तक वह यूं ही बैठी रहीं। अनु मलिक परेशान। कहीं गलती तो नहीं हो गई। लेकिन, स्क्रैच सुनने के बाद आशा भोसले ने जो कहा उसकी मिसाल अभी और कई पीढ़ियों तक दी जाती रहेंगी। उन्होंने कहा कि इस स्क्रैच को ही फिल्म के साउंडट्रैक में फाइनल सॉन्ग समझकर शामिल कर लो। इस गायिकी से बेहतर गाना बहुत मुश्किल है। स्क्रैच वाला गाना ही फिल्म में इस्तेमाल हुआ और इसी गाने के लिए उभरती गायिका अनुपमा देशपांडे को मिला उनके करियर का पहले बेस्ट फीमेल सिंगर फिल्मफेयर अवॉर्ड। उमेश मेहरा निर्देशित सोहनी महिवाल के कुछ और किस्से पढ़ने के लिए क्लिक करें नीचे दिए लिंक पर।

बाइस्कोप: सनी देओल से पहले इन दो को ऑफर हुआ था महिवाल का रोल, आशा भोसले ने मौका दिया नई गायिका को
 
विज्ञापन

3 of 7
फिल्म- कुली नं. 1 - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
छोकरा विरार का और हीरोइन कपूर खानदान की
फिल्म कुली नंबर वन में गोविंदा अपने पूरे चुहलभरे अंदाज में नजर आए। करिश्मा कपूर के साथ उनकी जोड़ी खूब पसंद की गई। दोनों की जोड़ी पहली बार फिल्म राजा बाबू में साल 1994 में पर्दे पर दिखी और दोनों की केमिस्ट्री ऐसी जमी कि दोनों की लगातार छह फिल्में राजा बाबू, कुली नंबर वन, हीरो नंबर वन, हसीना मान जाएगी, साजन चले ससुराल और खुद्दार हिट रहीं। आखिरी दो फिल्में दर्शकों को थोड़ा कमजोर लगीं और इसके बाद रिलीज हुईं चारों फिल्में शिकारी, मुकाबला, दुलारा और प्रेम शक्ति में दोनों का करिश्मा फीका पड़ गया। कुली नंबर वन अपनी अतरंगी सी कहानी और इसको पेश करने के डेविड धवन के तरीके के चलते लोगों को खूब पसंद आई। गोविंदा अच्छे खासे ठीक ठाक घर से थे। लेकिन, उन्होंने अपनी छवि उन दिनों एक सड़कछाप हीरो की बना रखी थी। ब्रांडिंग उन्होंने अपनी कर रखी थी विरार के छोकरे के नाम से। एक तरफ विरार का छोकरा और दूसरी तरफ हिंदी सिनेमा के सबसे रईस कपूर खानदान की बेटी। दर्शकों को ये समीकरण जम गया और टिकट खिड़की पर पैसा बरसने लगा।

बाइस्कोप: रिलीज के 25 साल पूरे करने वाली कुली नंबर वन का ये है अभिषेक बच्चन से कमाल का कनेक्शन
 

4 of 7
फिल्म- गीत गाता चल - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
गीत गाता चल, ओ साथी गुनगुनाता चल..
नोबेल पुरस्कार विजेता रबींद्रनाथ टैगोर की कहानियों पर गिनती करने बैठें तो 40 से ज्यादा फिल्में बन चुकी हैं। नेटफ्लिक्स पर उनकी कहानियों पर बनी वेब सीरीज भी खूब चर्चा में रही है। अतिथि, बाइस्कोपवाला, चार अध्याय, चोखेर बाली, घरे बाइरे, गोरा, काबुलीवाला, लेकिन, मिलन, नौकाडुबी, ताशेर देश, तीन कन्या आदि टैगोर की कहानियों पर बनी बहुचर्चित फिल्में हैं। टैगोर की लघुकथा पर 1965 में रिलीज हुई एक फिल्म है, अतिथि । तपन सिन्हा निर्देशित इस फिल्म को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला और ये वेनिस फिल्म फेस्टिवल में गोल्डन लॉयन पुरस्कार के लिए भी नामित हुई। 10 साल बाद 1975 में यही फिल्म हिंदी में रिलीज हुई गीत गाता चल के नाम से।

बाइस्कोप: एक्शन एंटरटेनर के दौर में सचिन बोले, गीत गाता चल और इस वजह से उनके साथ आ गए लाखों दीवाने
 
विज्ञापन

5 of 7
माया मेमसाब - फोटो : रोहित झा, अमर उजाला
जब हद से गुजर गए शाहरुख और दीपा
27 साल कम नहीं होते और उस देश में जहां की 65 फीसदी आबादी 35 साल की उम्र से कम की हो तो वैसे में बाइस्कोप जैसे कॉलम संबंधित विधा का दस्तावेज भी बनते चलते हैं। वैसे तो दो जुलाई के दिन रिलीज हुई फिल्मों की बात करें तो इस दिन रिलीज होने वाली फिल्मों में मिथुन चक्रवर्ती, रंजीता औऱ रामेश्वरी की 1982 में रिलीज हुई फिल्म आदत से मजबूर, अक्षय कुमार और श्रीदेवी की 2004 में रिलीज हुई फिल्म मेरी बीवी का जवाब नहीं और 2010 में रिलीज हुई सोनम कपूर व इमरान खान की फिल्म आई हेट लव स्टोरीज के नाम सामने आते हैं। लेकिन, इस बाइस्कोप की फिल्म इनमें से कोई नहीं है। मैं चर्चा करने जा रहा हूं शाहरुख खान की 1993 में रिलीज हुई फिल्म माया मेमसाब की।

बाइस्कोप: जब फिल्मी मैगजीन के संपादक से शाहरुख खान ने लिया पंगा और पहुंचे मुंबई पुलिस की हवालात में

 
विज्ञापन

6 of 7
सत्या - फोटो : सोशल मीडिया
इस फिल्म की नकल मारकर बनी रामू की सत्या
अगर आप दोबारा इस रात की सुबह नहीं और सत्या देखेंगे तो आपको समझ आएगा कि दोनों फिल्मों का ग्राफ एक जैसा है। दोनों फिल्मों के प्लॉट प्वाइंट एक जैसे हैं। दोनों फिल्मों में गानों की प्लेसिंग एक जैसी है और दोनों फिल्मों के किरदारों का मनोविज्ञान व उनके संवादों की भाषा एक जैसी है। दोनों फिल्मों में एक सा कुछ नहीं है तो बस ये कि सुधीर मिश्रा का पीआर मुंबई के अंग्रेजीदा फिल्म समीक्षकों की लल्लो चप्पो नहीं कर पाया और न ही उनके पास कोई आमिर खान जैसा सलाहकार ही रहा जो उनकी फिल्म की तारीफ बीबीसी से या दूसरे लोगों से करा पाता। तो अगली बार जब सत्या देखने का मन करे तो उसके पहले एक बार इस रात की सुबह नहीं जरूर देख लें। फिल्म सत्या भी अपने समय की क्लासिक फिल्म है लेकिन इसे महान फिल्म कहने से पहले आपको इस रात की सुबह नहीं को इससे बेहतर फिल्म कहना ही चाहिए। 

बाइस्कोप: इस फिल्म से मनोज बाजपेयी ने बताया कि मुंबई का किंग कौन, पढ़िए कहानी का असल किस्सा

 
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
गुप्त - फोटो : रोहित झा, अमर उजाला
रवीना टंडन आउट, मनीषा कोइराला इन
फिल्म गुप्त में सबसे पहले बॉबी के साथ साइन हुई हीरोइन थीं रवीना टंडन। रवीना के साथ बॉबी का फोटोशूट भी कराया गया जो फिल्म के टीजर के तौर पर कुछ जगहों पर छपा भी। लेकिन, तभी बरसात के आखिरी शेड्यूल में बॉबी देओल घुड़सवारी के दौरान अपनी टांग तुड़वा बैठे। फिल्म बरसात का पूरा प्रचार इसी के चलते बिना बॉबी देओल के हुआ और गुप्त की शूटिंग भी राजीव राय को टालनी पड़ी। तारीखों के चक्कर में रवीना टंडन फिल्म गुप्त का हिस्सा नहीं रहीं। रवीना को फिल्म में वही रोल करना था जो बाद में मनीषा कोइराला के हिस्से आया। फिल्म में बॉबी देओल की मंगेतर शीतल चौधरी का ये किरदार मनीषा से पहले करिश्मा कपूर को भी ऑफर हुआ था लेकिन बात किन्हीं वजहों से बन नहीं सकी। बॉबी देओल और करिश्मा कपूर की जोड़ी इसके बाद पहली बार बनी थी निर्देशक कुंदन शाह की फिल्म हम तो मोहब्बत करेगा में। मनीषा कोइराला के पास भी राजीव राय पहले फिल्म में बॉबी देओल के निभाए किरदार साहिल सिन्हा की बचपन की दोस्त ईशा दीवान के रोल के लिए ही गए थे लेकिन मनीषा ने लिया शीतल चौधरी का किरदार और ईशा के रोल में इसके बाद आईं काजोल।

बाइस्कोप: दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे के बाद काजोल का ये खतरनाक रूप देख चौंक गया था पूरा हिंदुस्तान
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें