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सोशल मीडिया पर जावेद अख्तर के रिचर्ड डॉकिन्स अवॉर्ड पर उठे सवाल, शबाना आजमी ने ऐसे की बोलती बंद

Tue, 09 Jun 2020 10:56 PM IST
anand anand एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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जावेद अख्तर, शबाना आजमी - फोटो : सोशल मीडिया
मशहूर गीतकार और लेखक जावेद अख्तर को हाल ही में रिचर्ड डॉकिन्स अवॉर्ड 2020 से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान तर्कसंगत विचार, धर्मनिरपेक्षता, मानव विकास और मानवीय मूल्यों को अहमियत देने के चलते मिला है। जावेद अख्तर यह पुरस्कार हासिल करने वाले पहले भारतीय हैं। पुरस्कार मिलने की जानकारी जावेद अख्तर की पत्नी और अभिनेत्री शबाना आजमी ने सोशल मीडिया पर दी थी।
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शबाना आजमी - फोटो : सोशल मीडिया
वहीं जावेद अख्तर को जब रिचर्ड डॉकिन्स पुरस्कार मिला तो उनके कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने सोशल मीडिया पर गलत जानकारी साझा कर उन्हें ट्रोल करने की कोशिश की। आलोचकों ने सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैलानी शुरू कर दी कि जावेद अख्तर को रिचर्ड डॉकिन्स अवॉर्ड 2020 से सम्मानित नहीं किया गया बल्कि वह इसके लिए सिर्फ नामांकित हुए थे। अब इस पूरे मामले में शबाना आजमी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। 
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जावेद अख्तर, शबाना आजमी - फोटो : सोशल मीडिया
न्यूज एजेंसी पीटीआई की खबर के अनुसार शबाना आजमी ने कहा कि यह साफ तौर पर अफवाह है। जावेद अख्तर को खुद रिचर्ड डॉकिन्स की ओर से मेल आया था जो उनके पास है। अभिनेत्री ने कहा, 'यह पूरी तरह से झूठ है। हमारे पास पांच जून को आया रिचर्ड डॉकिन्स का एक ईमेल है जो पुरस्कार की पेशकश करता है और रॉबिन ब्लमनर का भी मेल है जो सेंटर फॉर इंक्वायरी के प्रमुख हैं'। इसके  साथ ही दूसरी ओर अब खुद  रिचर्ड डॉकिन्स ने भी ट्वीट कर इस बात को पुख्ता कर दिया है कि जावेद अख्तर ने रिचर्ड डॉकिन्स अवॉर्ड जीता है।


 

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शबाना आजमी - फोटो : सोशल मीडिया
अभिनेत्री ने आगे कहा, 'मुझे इन दयनीय ट्रोलर्स के लिए दुख होता है जो इस बात की परवाह नहीं करते कि वह इस तरह के पूर्वापेक्षित दावे पर एक सेकंड में झूठे साबित हो जाएंगे'। गौरतलब है कि हाल ही में अभिनेत्री शबाना अजमी ने जावेद अख्त को रिचर्ड डॉकिन्स अवॉर्ड 2020 से सम्मानित होने के लिए बधाई दी तो लोगों ने गलत जानकारी फैलाते हुए उन्हें ट्रोल करने की कोशिश की। 
 
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जावेद अख्तर, शबाना आजमी - फोटो : सोशल मीडिया
आपको बता दें कि रिचर्ड डॉकिन्स अवॉर्ड वर्ष 2003 से दिया जा रहा है। यह पुरस्कार रिसर्च,विज्ञान, शिक्षा,मनोरंजन के क्षेत्र के ऐसे प्रतिष्ठित व्यक्ति को दिया जाता है, जो सार्वजनिक रूप से धर्मनिरपेक्षता की रक्षा के लिए कोशिश करता है। इस बार ये पुरस्कार यह जावेद अख्तर को मिला है। जावेद अख्तर अक्सर सोशल मीडिया पर या किसी भी सार्वजनिक मंच पर सीएए और इस्लामोफोबिया जैसे विषयों पर हमेशा मुखर रहे हैं।

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