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Vikrant Massey: '12वीं फेल' के बाद कई किरदारों से निखरे विक्रांत, टॉप एक्टर बनने के बावजूद रहा इस बात का मलाल

Thu, 03 Apr 2025 08:58 AM IST
साक्षी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Vikrant Massey Birthday: विक्रांत मैसी आज अपना 38वां जन्मदिन मना रहे हैं। विक्रांत ने छोटे पर्दे से लेकर बड़े पर्दे तक का सफर काफी संघर्षों के साथ तय किया है। चलिए आज उनके जन्मदिन के मौके पर जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़ी खास बातें..
 
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विक्रांत मैसी - फोटो : इंस्टाग्राम
विक्रांत मैसी आज, 3 अप्रैल 2025 को अपना 38वां जन्मदिन मना रहे हैं। आज वो बॉलीवुड के टॉप एक्टर्स में शुमार हैं, जिनकी एक्टिंग की सादगी और गहराई हर किसी को प्रभावित करती है, लेकिन ये मुकाम उन्हें आसानी से नहीं मिला। विक्रांत की कहानी एक ऐसे शख्स की है, जिसने अपने सपनों को सच करने के लिए कदम-दर-कदम संघर्ष किया और मेहनत के दम पर अपनी पहचान बनाई। टीवी के छोटे पर्दे से लेकर बॉलीवुड के बड़े पर्दे तक का उनका सफर प्रेरणादायक है। चलिए उनके जन्मदिन पर जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़ी खास बातें...
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विक्रांत मैसी - फोटो : अमर उजाला
विक्रांत का टीवी करियर का सफर
विक्रांत मैसी का जन्म मुंबई में हुआ था, लेकिन बॉलीवुड में उनकी एंट्री किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं। एक आउटसाइडर के तौर पर उन्होंने अपने करियर की शुरुआत टेलीविजन से की। अभिनय की दुनिया में कदम रखने का पहला मौका साल 2007 में टीवी शो 'धूम मचाओ धूम' में मिला, लेकिन उन्हें असली पहचान दी 'बाबा ऐसा वर ढूंढो' और 'बालिका वधू' जैसे शोज ने। 'बाबा ऐसा वर ढूंढो' में भरत साहनी के किरदार और 'बालिका वधू' में श्याम के रोल ने उन्हें घर-घर में मशहूर कर दिया। 'कुबूल है' और 'ये है आशिकी' जैसे शोज में भी उनकी मौजूदगी ने दर्शकों का ध्यान खींचा। टीवी पर सालों तक मेहनत करने के बाद विक्रांत ने बड़े पर्दे का रुख किया।
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विक्रांत मैसी - फोटो : एक्स
ऐसे मिला पहला ब्रेक
विक्रांत को उनका पहला एक्टिंग ब्रेक एक अनोखे तरीके से मिला। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि साल 2004 में वो एक टॉयलेट के बाहर खड़े थे, तभी एक महिला ने उनसे पूछा कि क्या वो एक्टिंग करना चाहेंगे। ये ऑफर उनके लिए किसी सुनहरे मौके से कम नहीं था। उन्हें हर एपिसोड के 6000 रुपये देने की बात हुई और बस यहीं से उनकी जिंदगी ने नया मोड़ लिया। ये छोटा सा मौका उनके लिए बड़े सपनों की सीढ़ी बन गया।

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लुटेरा - फोटो : स्क्रीन ग्रैब
बॉलीवुड में पहला कदम और संघर्ष
2013 में विक्रांत ने फिल्म 'लुटेरा' से बॉलीवुड में डेब्यू किया। रणवीर सिंह और सोनाक्षी सिन्हा स्टारर इस फिल्म में उनका रोल छोटा था, लेकिन उनकी एक्टिंग ने इंडस्ट्री का ध्यान खींचा। इसके बाद 'दिल धड़कने दो' और 'हाफ गर्लफ्रेंड' में सहायक किरदारों में नजर आए। असली ब्रेक उन्हें 2017 में मिला, जब कोंकणा सेन शर्मा की फिल्म 'ए डेथ इन द गंज' में वो लीड रोल में दिखे। अब तक विक्रांत कई फिल्में कर चुके थे, लेकिन इंडस्ट्री में उन्हें खास पहचान नहीं मिली थी।
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12वीं फेल - फोटो : इंस्टाग्राम@vikrantmassey
'12वीं फेल' ने बदल दी किस्मत
विक्रांत का करियर तब चमका, जब 2023 में उनकी फिल्म '12वीं फेल' रिलीज हुई। विधु विनोद चोपड़ा की इस फिल्म में उन्होंने आईपीएस अधिकारी मनोज कुमार शर्मा का किरदार निभाया। उनकी सादगी और मेहनत से भरी परफॉर्मेंस ने दर्शकों का दिल जीत लिया। फिल्म सुपरहिट रही और उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला। इसके बाद 'सेक्टर 36' और 'द साबरमती रिपोर्ट'' जैसी फिल्मों ने उन्हें ओटीटी और सिनेमाघरों में एक भरोसेमंद सितारे के तौर पर स्थापित किया।
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विक्रांत मैसी - फोटो : अमर उजाला
कई टॉप एक्ट्रेस के साथ किया काम
विक्रांत ने दीपिका पादुकोण के साथ 'छपाक' में काम किया, जहां वह एक संवेदनशील किरदार में नजर आए। तापसी पन्नू के साथ 'हसीन दिलरुबा' और यामी गौतम के साथ 'गिन्नी वेड्स सनी' में उनकी जोड़ी को खूब पसंद किया गया, लेकिन इसके बावजूद वो कहते हैं कि टीवी एक्टर का टैग उनके साथ अब तक चिपका हुआ है, जिसका जिक्र वो कई इंटरव्यूज में कर चुके हैं। कई बड़ी फिल्में करने के बावजूद उन्हें कई बार टीवी एक्टर कहा जाता है, जिसका मलाल उन्हें अब तक है।
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विक्रांत मैसी - फोटो : इंस्टाग्राम@vikrantmassey
सफलता मिली, लेकिन हटा 'टीवी एक्टर' का टैग
इतनी सफलता के बावजूद विक्रांत के दिल में एक मलाल आज भी बाकी है। कई इंटरव्यूज में उन्होंने जिक्र किया है कि बॉलीवुड में आने के बाद भी उनसे 'टीवी एक्टर' का टैग नहीं हटा। विक्रांत के अनुसार, जब वो टीवी से फिल्मों में आए तो लोग उन्हें सीरियसली नहीं लेते थे। उन्हें लगता था कि टीवी एक्टर्स फिल्मों में सफल नहीं हो सकते, लेकिन विक्रांत ने इस सोच को तोड़ा। फिर भी इंडस्ट्री में अभी भी टीवी एक्टर्स को लेकर एक अलग नजरिया है, जो उन्हें कभी-कभी परेशान करता है। उनके लिए ये एक चुनौती थी, जिसे उन्होंने अपनी मेहनत से पार किया, पर ये टैग उनके साथ अब तक चिपका हुआ है।
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