विद्या बालन, मैथिली राव
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
'द मिलेनियल वुमन इन बॉलीवुड-ए न्यू ब्रांड' की लॉन्चिंग के दौरान इस बात की भी चर्चा हुई कि किस तरह से 'चांदनी बार', 'पेज 3', 'कहानी', 'क्वीन' और 'मैरी कॉम' जैसी हिट फिल्मों की महिला नायकों ने पारंपरिक ढांचे को तोड़ा। इन फिल्मों के जरिए अभिनेत्रियों ने पितृसत्ता समाज का मुकाबला किया। किताब की लेखक मैथिली राव कहती हैं, 'समकालीन सिनेमा ने इस बदलाव को पहचाना और चुपचाप अपनी नायिकाओं में शक्ति का संचार किया। साथ ही उन फार्मूलाबद्ध कहानियों को भी बनाए रखा जो दर्शकों को पसंद आईं।'
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