वरुण शर्मा
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
अभिनेता को हिंदी सिनेमा में बहुत जल्दी एक खांचे में फिट कर दिया जाता है, क्या आपको अपने नाम पर लगा कॉमेडियन का ठप्पा पसंद है?
हां, लोग अक्सर मुझे कहते हैं कि कॉमेडी में स्लॉट हो गए हो, थोड़ा कॉमेडी कम करो, कुछ और ट्राई करो। लेकिन, मुझे क्या लगता है कि आज के समय में किसी इंसान को हंसाना या उनके चेहरे पर मुस्कुराहट लाना बहुत बड़ा काम है। जिंदगी में बहुत कम लोग ऐसे हैं जो एक दूसरे को हंसाते हैं, एक दूसरे के चेहरे पर मुस्कुराहट लाते हैं, नहीं तो ज्यादातर लोग तो टेंशन ही देते रहते हैं। अगर मैं किसी को हंसा सकूं तो ये मेरे लिए ईश्वरीय आशीर्वाद है। मैं कॉमेडी करना कभी छोड़ना नहीं चाहता क्योंकि जिस श्रेणी के सिनेमा ने मुझे पहचान दी, इतना प्यार दिया, उसे मैं छोड़ूं तो वह गलत हो जाएगा। हां, मैं और भी किरदार करते रहना चाहता हूं लेकिन कॉमेडी को मैं छोड़ना नहीं चाहता।