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सिनेमा का हर सच्चा सबक मिलेगा मोहित सूरी की 10 अनसुनी कहानियों में, घर के दफ्तर में ही बने ऑफिस ब्वॉय

Sat, 11 Apr 2020 02:34 PM IST
शिप्रा सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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Mohit Suri - फोटो : twitter
'जहर' और 'मर्डर 2' जैसी क्राइम थ्रिलर फिल्में बनाने के बाद 'आशिकी 2' जैसी शानदार प्रेम कहानी बनाने वाले निर्देशक मोहित सूरी 39 साल के हो गए हैं। वह हिंदी सिनेमा के निर्देशकों में एक अच्छी पहचान रखते हैं। उन्होंने अपनी ज्यादातर फिल्में विशेष फिल्म्स के बैनर तले बनाईं और उनकी तमाम फिल्मों में इमरान हाशमी ने काम किया है। मोहित सूरी के जन्मदिन के मौके पर आज हम आपको बताते हैं उनकी कुछ अनसुनी कहानियां।
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mohit suri - फोटो : file photo

बचपन में बदनाम
मोहित सूरी के बचपन की यादें मुंबई के पाली हिल से जुड़ी हुई हैं। वहां उनकी नानी का घर था। गर्मियों की छुट्टियों में वह अपनी मां के साथ अक्सर वहां जाया करते। तब मोहित की नानी के यहां एसी हुआ करता था। इसलिए गर्मियों की छुट्टियां सब वहीं बिताया करते। उनका बचपन अभिनेता इमरान हाशमी और महेश भट्ट के बेटे राहुल भट्ट के साथ खेलकर गुजरा। उस समय ये छह से सात बच्चे थे जिनकी अपनी सोसाइटी में बहुत अच्छी इज्जत नहीं थी। क्योंकि सोसाइटी की ज्यादातर चीजों को ये बर्बाद कर दिया करते थे।

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udita goswami mohit suri - फोटो : file photo

पूजा भट्ट ने कराया ग्लैमर से परिचय
मोहित सूरी भले ही महेश भट्ट के भतीजे हैं, लेकिन उनका बचपन किसी आम बच्चे की तरह ही गुजरा है। वह एक आम बच्चे की तरह ही स्कूल जाया करते थे और उन्हें ग्लैमर का तो कुछ अंदाजा भी नहीं था। कोई काम बिगड़ जाने पर वह अपनी चचेरी बहन पूजा भट्ट से मदद मांगते थे। जब पूजा भट्ट ने अपनी पहली फिल्म में काम किया तब मोहित का राब्ता ग्लैमर से हुआ। मोहित ने एक इंटरव्यू में बताया, 'हम फिल्मों के बारे में कुछ नहीं जानते थे। जब मैं 16 या 17 साल का था और इमरान 18 या 19 साल के रहे होंगे तब तक हमें कैमरा और ट्रॉली के बारे में भी नहीं पता था।'

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मिथुन,मोहित सूरी और असीस कौर - फोटो : सोशल मीडिया

पढ़ लिखकर चुना सिनेमा
मोहित पढ़ने में बहुत अच्छे थे। विज्ञान में दसवीं तक की पढ़ाई करने के बाद वे एरोस्पेस इंजीनियरिंग के लिए अमेरिका जाने वाले थे, लेकिन परिवार की कुछ परेशानियों की वजह से रह गए। उसके बाद उनके सिर पर पैसे कमाने का भूत सवार हो गया तो उन्होंने मुकेश भट्ट के साथ काम करने का मन बनाया। लेकिन उनके ऑफिस तक हर रोज जा पाना उनके लिए मुश्किल हो रहा था इसलिए उन्होंने बीएमएस की परीक्षा देकर मैनेजमेंट सीखा। उनके पिता का सपना था कि अगर वे अगर फिल्मों में भी जाएं तो कम से कम ग्रेजुएट तो होकर ही जाएं। 

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mukesh bhatt - फोटो : file photo

विशेष फिल्म्स में बने ऑफिस ब्वॉय
मोहित सूरी का सपना था कि वे विदेश जाकर पढ़ाई करें, लेकिन परिवार की स्थिति खराब होने की वजह से उनके पिता ने उनसे मना कर दिया कि वे उन्हें विदेश नहीं भेज सकते। इसके बाद मोहित का दिल टूट गया, और वे इस बात को भुलाना चाहते थे। इसीलिए उन्होंने मुकेश भट्ट के साथ उनके ऑफिस में काम करने का निर्णय लिया। मुकेश के ऑफिस में मोहित एक ऑफिस ब्वॉय के रूप में काम करते थे। 

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Emraan Hashmi - फोटो : Social Media

मुश्किल था इसलिए बने निर्देशक
मोहित ने जब विक्रम भट्ट का सहायक निर्देशक बनने का फैसला किया तब उनके दिमाग में सिर्फ पैसा ही चल रहा था। उनके दिमाग में एक फिल्म निर्देशक बनने का ख्याल तब आया जब वे एक दिन इमरान हाशमी के साथ फिल्मिस्तान स्टूडियो से लौट रहे थे। रास्ते में इमरान ने मोहित से कहा था कि उन्हें निर्देशक नहीं बनना है। इसमें बहुत मेहनत है। उन्हें अभिनेता बनने में आसानी लगी। तब मोहित ने फैसला किया था कि उन्हें तो अब निर्देशक ही बनना है।

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udita goswami mohit suri - फोटो : file photo
पैसे को लेकर बदला नजरिया
शुरुआत में मोहित सूरी सभी चीजों को सिर्फ पैसे से तोला करते थे। वह चाहते थे कि जल्द से जल्द बहुत सारा पैसा कमाया जाए। लेकिन जब उनके दोस्त ने उन्हें समझाया कि अगर तुम सिर्फ पैसे के बारे में सोचोगे, तो एक अच्छे निर्देशक बनने के बारे में कभी नहीं सोच पाओगे। उसके बाद मोहित सूरी का नजरिया थोड़ा बहुत बदला और उन्होंने अपने काम पर ध्यान देना शुरू किया। उस समय मोहित एक पेइंग गेस्ट के रूप में एक कमरे में रहा करते थे, और निर्देशन और निर्माण दोनों का काम सीख रहे थे।

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मोहित सूरी, उदिता - फोटो : file photo

वो लम्हे देखने पहुंचे नौ लोग
शुरुआत की दो फिल्में एक ही साल में हिट देने के बाद मोहित सूरी का दिमाग सातवें आसमान पर था। उन्हें लगने लगा था कि फिल्मों के बारे में वे तो सब कुछ जानते हैं। उन्हें अपनी सच्चाई तब पता चली जब उन्होंने 'वो लम्हे' बनाई। जब फिल्म रिलीज हुई तो उन्होंने वो फिल्म सिनेमाघर में जाकर देखनी चाही। उन्होंने देखा कि सिनेमाघर में सिर्फ नौ लोग थे। जब महेश भट्ट ने उनसे कहा था कि अब तुम निर्देशक बन गए हो क्योंकि तुमने अब असफलता भी देख ली है।

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awarapan - फोटो : Instagram
आवारापन नहीं चली तो लगा सदमा
मोहित सूरी की फ्लॉप फिल्मों में एक फिल्म 'आवारापन' भी रही। इस फिल्म में इमरान हाशमी और श्रिया सरन ने मुख्य भूमिकाएं निभाई है। इस फिल्म के फ्लॉप हो जाने के बाद मोहित सूरी बुरी तरह टूट गए थे। उन्होंने अपने आपको पूरे एक हफ्ते तक कमरे में बंद करके रखा था। वे किसी से बात नहीं करना चाहते थे और अपने आपको ही इस फिल्म के फ्लॉप होने के लिए कसूरवार मान रहे थे। फिर उन्होंने अपने आप को संभाला और इस सदमे को भी भूलने की कोशिश की।

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udita goswami mohit suri

दिमाग की नहीं दिल की ज़रूरत
मोहित सूरी अपनी हर फिल्म को दिमाग से नहीं बल्कि दिल से बनाते हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि जब वे अपने करियर की शुरुआत कर रहे थे तब वह 'जहर' को लेकर बहुत ज्यादा सोच रहे थे। उनके दोस्त ने जब उन्हें बताया कि अभिनेता के पास तारीख कम हैं, इसलिए जल्दी शूटिंग कर ली जाए। तब उनकी समझ में आया कि यहां दिमाग से कम और दिल से ज्यादा सोचने की जरूरत है। क्योंकि यहां फिल्म को खत्म करने की ज्यादा जरूरत है इसलिए उन्होंने फिल्मों में दिमाग लगाना कम कर दिया।

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udita goswami - फोटो : file photo

शादी के बाद बदले मोहित
हर किसी को अपनी जिंदगी बहुत अव्यवस्थित तरीके से जीने की आदत है। लेकिन मोहित सूरी को कोई भी चीज व्यवस्थित नहीं चाहिए। उन्हें शुरुआत से ही चीजों को गलत टाइम पर करने की आदत है। वह नहीं चाहते कि नहाने का, खाने का, सोने का, जागने का या फिर कोई भी काम करने का कोई एक निश्चित समय हो। जब वे अकेले थे तो वह सारी चीजें अपने मर्जी की किया करते थे लेकिन उन्होंने जब अभिनेत्री उदिता गोस्वामी से शादी की तो उसके बाद उनकी जिंदगी व्यवस्थित हो गई।

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