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ऐसे पड़ा था टाइगर का ये अजीब-सा नाम, पिता जैकी श्रॉफ ने किए चौंकाने वाले खुलासे

Sun, 08 Jul 2018 05:49 PM IST
जैकी श्रॉफ
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टाइगर और जैकी श्रॉफ
बचपन में दांत काटने की आदत से उसका नाम टाइगर पड़ गया। मुझे आज तक समझ नहीं आया कि उसे दांत काटने की आदत कहां से पड़ी। मैंने आज तक उसे नहीं डांटा, लेकिन आयशा उसे पीटती भी थी और डांटती भी थी। हीरो रियल का टाइगर है। मैं कभी उसको फिल्मों या एक्टिंग के बारे में सलाह नहीं देता। उसकी फिल्में देखने के बाद ही उसे बताता हूं कि क्या सही था, क्या गलत। सच पूछें तो मुझे एक्टिंग के बारे में ज्यादा पता भी नहीं। मैं तो तकदीर से एक्टर बन गया। मैं समझता हूं कि मुझसे भी बड़े लोग इस इंडस्ट्री में मौजूद हैं, जो उसे सही गलत के बारे में बता सकते हैं। एक्शन और एक्टिंग दोनों में ही वह मुझसे आगे निकल गया है। मुझे बहुत गर्व होता है कि अपना हीरो इंडस्ट्री में अच्छी हीरोपंती कर रहा है। मेरा बेटा मेरी लाइफ का लकी चॉर्म है।
 
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tigerr and jacki shroff
अब जब भी उसके बचपन के बारे में सोचता हूं, तो बाप रे, कितना शरारती था वह। बचपन का टाइगर बहुत खतरनाक था। पहले बहुत नटखट और गुस्से वाला बच्चा था। आज उतना ही शांत और मेहनती है। पहले जिस तरह मैं उसका ध्यान रखता था, अब वह भी वैसे ही मेरा ख्याल रखता है। मुझे कभी-कभार मेरी सेहत को लेकर डांटता भी है। बोलता है ध्यान नहीं रखते, सेहत का, खाने का। उस समय तो मैं चुप ही रहता हूं, लेकिन जब चला जाता है सामने से, तो हंसता हूं और खुशी होती है कि बेटा बड़ा हो गया है।
 
 
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tiger shroff
जब टाइगर जिंदगी में आया तो, घर खुशियों से भर गया। आयशा और मैंने अपने बेटे का नाम मेरे भाई के नाम पर जय हेमंत श्रॉफ रखा। मैंने कम उम्र में ही अपने भाई को खो दिया था। उसका नाम टाइगर तो उसकी शरारतों की वजह से पड़ा। जैसे-जैसे बड़ा होता गया, शरारती होता गया। मुझे आज तक समझ नहीं आया कि उसे दांत काटने की आदत कहां से पड़ी। मुझे तो ऐसी आदत थी नहीं। मैंने आज तक उसे नहीं डांटा, लेकिन आयशा उसे पीटती भी थी और डांटती भी थी। उसकी काटने की आदत धीरे-धीरे बढ़ गई। वह घर आए मेहमानों को भी काटने लगा, फिर मैंने उसका नाम टाइगर रख दिया। 

 

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tiger shroff and krishna
टाइगर के बाद हमारी जिंदगी में टाइगर की छोटी बहन कृष्णा आई। कृष्णा और टाइगर मिलकर खूब शरारत करते थे। एक दिन तो उसने हद कर दी। टाइगर और कृष्णा में खेलते-खेलते लड़ाई हो गई। दोनों का बीच-बचाव करने के लिए जब मेड ने कृष्णा को टाइगर से दूर किया, तो टाइगर ने उसे इतना जोर से दांत काटा कि उसे डॉक्टर के पास ले जाना पड़ा। इस बात पर आयशा को इतना गुस्सा आया कि उसने टाइगर की इस हरकत की सजा के तौर पर उसे लाल मिर्ची चटा दी। जब भी वह काटता, उसे लाल मिर्च चटा दी जाती। इससे वह इतना डर गया कि उसने काटने की आदत छोड़ दी, लेकिन उसका नाम टाइगर जरूर पड़ गया। 

 
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Tiger Shroff
जब टाइगर चार साल का हुआ, तो हमें अंदाजा हुआ कि हमारा बच्चा काफी एनर्जेटिक है। उसने 'एंटर द ड्रेगन' फिल्म देखी, तो मार्शल आर्ट का जूनून जाग गया। खुद ही अकेला घर में चीजों को तोड़ता-फोड़ता रहता। माइकल जैक्सन का वीडियो देखा, तो डांस का शौक चढ़ गया। मैंने बेटे को कभी कुछ करने से रोका नहीं। अमेरिकन स्कूल ऑफ बॉम्बे में उसका दाखिला कराया, तो शक्ति कपूर की बेटी श्रद्धा भी उस स्कूल में थी। शक्ति का घर आना-जाना था, तो श्रद्धा भी उनके साथ आती थी। दोनों में बचपन से ही दोस्ती थी, जो स्कूल में और गहरी हो गई। टाइगर स्कूल में भी शरारत किया करता था। डेस्क पर च्यूंगम लगा देता। मार्शल आर्ट स्कूली बच्चों पर आजमाता। अक्सर उसकी शिकायतें घर पहुंचती। 

 
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tiger shroff
डांस और मार्शल आर्ट सीखने के साथ-साथ वह अच्छा प्लेयर भी था। खूब तेज दौड़ता है, बॉस्केटबॉल में तो बाप रे, क्या खेलता है। जिम्नास्टिक में भी वह पारंगत हैं। जिम्नास्टिक पृष्ठभूमि होने के कारण वह हमेशा चुस्ती-फुर्ती और ऊर्जा से भरा रहता है। बचपन से वह अपने काम पर फोकस करता है। अपनी फिटनेस और अनुशासित जीवनशैली के कारण भी हर काम पर ध्यान देता है। मैं टाइगर की स्वस्थ जीवनशैली और सक्रियता का प्रशंसक हूं। वह उत्सुक, मेहनती, उत्साही है। पढ़ाई में तो वह फिसड्डी ही रहा है, लेकिन खेल और अन्य कामों में उसने पूरा ध्यान दिया है। मेरे और उसके बीच का रिश्ता हमेशा कूल रहा है। जब मैं खुद पर ध्यान नहीं देता, तो मुझे डांटता भी है, लेकिन मुझसे डरता भी है। 

 
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tiger shroff
मुझे याद है जब उसकी 'बागी' फिल्म आई थी। फिल्म की सफलता के बाद टाइगर ने मुझसे कहा, “पापा आज मैं चैन से सोया हूं।” मैंने उसकी दिन-रात की कड़ी मेहनत देखी है। उसकी मेहनत और लगन को साकार होते देख बहुत अच्छा लगा। उसके एक्शन सीन को देखकर फिक्र होती है। उसका पिता हूं न, तो फिक्र होना लाजमी है। वह अपनी सेहत का बहुत ध्यान रखता है। कभी ऐसा कुछ नहीं खाता जिससे नुकसान हो। सुबह छह बजे उठ जाता है। काम नहीं कर रहा हो, तो भी रात दस बजे सो जाता है। मैं ऐसे इंसान का पिता होने पर गर्व महसूस करता हूं। उसकी प्रतिभा पर मुझे भरोसा है, उसके काम पर गर्व है। मैं जानता हूं उसमें एक सकारात्मक ऊर्जा है। 

नोटः यह सारी जानकारी कमल कश्यप के साथ बातचीत में जैकी श्रॉफ ने दी है। 
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