फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

#Throwbackthursday 'कुली' का अंतिम सीन था एकदम असली, ऐन मौके पर इस वजह से बदली गई थी स्क्रिप्ट

Thu, 13 Dec 2018 07:54 AM IST
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 6
अमिताभ बच्चन
अमिताभ बच्चन ने बॉलीवुड को एक से बढ़ कर एक बेहतरीन फिल्में दी हैं। 1983 में बनी 'कुली' भी उन्हीं फिल्मों में से एक थी। इस फिल्म से जुड़े कई ऐसे किस्से हैं जिससे आप जरूर रूबरू होंगे लेकिन कई किस्से ऐसे भी हैं जिनकी जानकारी शायद आपको न हो। तो आइए #Throwbackthursday में आज बात करते हैं मनमोहन देसाई और प्रयाग राज के निर्देशन में बनी फिल्म 'कुली' की।
विज्ञापन

2 of 6
coolie
मूवीज और मैमरीज नाम के ट्विटर हैंडल पर अमिताभ बच्चन की एक फोटो शेयर की गई है। फोटो फिल्म कुली की शूटिंग के दौरान की है। तस्वीर में अमिताभ बच्चन कुली के कपड़ों में बैठे दिखाई दे रहे हैं। 2 दिसंबर 1983 को 'कुली' रिलीज हुई थी। फिल्म ने कामयाबी की नई इबारत लिखी और इसके साथ ही पुनीत इस्सर राष्ट्रीय विलेन बन गये।
 

 
विज्ञापन

3 of 6
coolie
लेकिन पुनीत के राष्ट्रीय विलेन बनने के पीछे अमिताभ बच्चन को 59 दिन हॉस्पिटल में गुजारने पड़े। आलम ये था कि अमिताभ बच्चन का इलाज कर रहे डॉक्टर्स ने भी हार मान ली थी। दरअसल कुली के सेट पर शूटिंग के दौरान पुनीत ने जब घूसा मारा तो किसी को नहीं पता था एक सीन फिल्माने की अमिताभ बच्चन को ये कीमत चुकानी पड़ेगी। अमिताभ सहित सभी को ये चोट मामूली लग रही थी, क्योंकि खून की एक बूंद भी नहीं निकली थी।

4 of 6
coolie
लेकिन अगले ही दिन अमिताभ अस्पताल में भर्ती हो गए और लगातार उनकी हालत खराब होती गई। अमिताभ की हालत देख राजीव गांधी अमेरिका यात्रा बीच मे छोड़कर ही 4 अगस्त की आधी रात वापस लौटे और एयरपोर्ट से सीधे अमिताभ से मिलने पहुंचे। इतना ही नहीं इंदिरा गांधी भी अपनी पहली विदेश यात्रा स्थगित कर अमिताभ से मिलने पहुंची थीं।
विज्ञापन

5 of 6
coolie
24 सितंबर के दिन आखिरकार अमिताभ को ब्रीच कैंडी अस्पताल से छुट्टी मिल गई। लोगों की बेकाबू भीड़ उनका इंतजार कर रही थी। घर पहुंचकर उन्होंने हाथ हिलाकर अपने शुभचिंतकों का शुक्रिया अदा किया। इस वास्तविक सीन को ही फिल्म कुली के अंतिम सीन के तौर पर इस्तेमाल किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
coolie
आपको जानकर हैरानी होगी कि प्रयाग राज और कादर खान की लिखी शुरुआती स्क्रिप्ट में अमिताभ के मरने के साथ फिल्म खत्म होने वाली थी लेकिन उनकी चोट की वजह से मेकर्स को लगा कि ऑडियंस हाल ही में मौत के मुंह से बचकर आए अमिताभ बच्चन को परदे पर मरता हुआ देखना पसंद नहीं करेगी। इसलिए ऐन मौके पर फिल्म के स्क्रिप्ट को बदल दिया गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें