ईशा शरवानी केस के आरोपी
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थोड़ी ही देर में उसी अधिकारी ने तीसरी बार उन्हें कॉल किया और बताया कि उनके खाते से आतंकी संगठनों को फंडिंग की गई है। अगर वे तुरंत भारी जुर्माना नहीं भरती हैं तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। तीसरी कॉल के बाद ईशा शेरवानी को यह समझ आ गया कि उनके साथ फ्रॉड हो रहा है। चूंकि, उनसे भारतीय मूल के होने के हवाले से वेस्टर्न यूनियन कंपनी के जरिए एक भारतीय एकाउंट में पैसे ट्रांसफर कराए गए थे, उन्होंने दिल्ली की साइबर क्राइम विभाग से संपर्क किया। इसके बाद पुलिस ने पैसे के ट्रेल और डिजिटल फुट प्रिंट का पीछा करते हुए अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इस मामले में मास्टर माइंड पुनीत चड्ढा सहित तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अपराधियों के सात बैंक एकाउंट से 1.25 करोड़ रुपये भी बरामद किए हैं।