रहना है तेरे दिल में
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क्यों पसंद आईं पुरानी फिल्में?
इस साल आर माधवन और दीया मिर्जा की फिल्म 'रहना है तेरे दिल में' से लेकर 'कल हो ना हो', 'वीर जारा; और 'खोसला का घोसला' जैसी कल्ट क्लासिक्स रिलीज हुईं। इनके अलावा रॉकस्टार, करण अर्जुन भी आईं। फिर 'लैला मजनू' और 'तुम्बाड' जैसी फिल्में भी लगीं, जिन्हें अपनी मूल रिलीज के वक्त बहुत अच्छी प्रतिक्रिया नहीं मिली थी, लेकिन दोबारा रिलीज हुईं तो जमकर कमाई की। इन्हें नए दर्शक मिले। यह चमत्कार कैसे हुआ कि नई फिल्मों के बीच भी पुरानी फिल्मों को दर्शक मिले? इसकी वजह हो सकती है कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में इस साल ज्यादातर बड़े सितारों की फिल्में फ्लॉप रहीं या बड़ी फिल्में रिलीज ही कम हुईं। ऐसे में पुरानी सुपरहिट फिल्मों को या फिर उन फिल्मों को जिन्हें बाद में ज्यादा पसंद किया गया, उन्हें री-रिलीज किया गया। बॉलीवुड में यह प्रयोग अब तक काफी सफल रहा। साथ ही, लोग पुराने जमाने का अनुभव प्राप्त करने के लिए भी इस तरह की फिल्में देखने पहुंचे।