बॉलीवुड हो या हॉलीवुड फिल्मों के अंत में विलेन को हीरो से हारना ही पड़ता है चाहे वह कितने भी खतरनाक क्यों न हो? हालांकि कई विलेन के किरदार ऐसे भी हैं जो फिल्म खत्म होने के बाद भी दर्शकों के जेहन में रह जाते हैं। हाल ही में रिलीज हुई हॉलीवुड फिल्म डॉ. स्ट्रेंज 2 पूरी दुनिया में धमाल मचा रही है, लेकिन इस फिल्म में बेनेडिक्ट कंबरबैच से अधिक चर्चा एलिजाबेथ ओल्सन की हो रही है। फिल्म में उनके द्वारा निभाए गए वांडा मैक्सिमॉफ के निगेटिव किरदार की लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं। हॉलीवुड ही नहीं बॉलीवुड में भी कई ऐसे निगेटिव किरदार हैं जिन्होंने दर्शकों के मन में अमिट छाप छोड़ी है। चाहे वो मदर इंडिया का सुखी लाला हो या शोले का गब्बर, शान का शाकाल हो या मिस्टर मोगैंबो, दर्शकों के दिलों पर इन किरदारों का असर फिल्म के हीरो से कभी भी कम नहीं पड़ा। हालांकि 90 के दशक में कई ऐसी भी फिल्में आईं, जिसमें फिल्म के विलेन हीरो पर भारी पड़े। आज हम आपको इस रिपोर्ट में ऐसी ही कुछ फिल्मों के बारे में बताने जा रहे हैं जो हीरो की वजह से नहीं बल्कि विलेन की वजह से आज भी याद की जाती हैं।