कोएना मित्रा
यह बात सिर्फ तनुश्री की नहीं है, लेकिन इतनी सारी लड़कियां हैं और शायद कई ऐसी कहानियां हैं जिन्हें वो ध्यान न मिले जो मंच न मिले जो उन्हें मिला है। कोएना मानती हैं कि इंडस्ट्री में पुरुषों के एकाधिकार को बदलने की जरूरत है। क्या वे एक महिला के बिना फिल्म बना सकते हैं। यदि नहीं तो फिर महिलाएं को कम भुगतान क्यों दिया जाता है, क्यों महिलाओं को भी उनकी तरह का व्यवहार नहीं मिलता। मुझे पता है कि इन सभी चीजों को कहना मेरे लिए आसान है, लेकिन मुझे वास्तव में यह समस्या महसूस हो रही है जो कि सिर्फ फिल्म उद्योग तक ही सीमित नहीं है, यह एक मानसिकता का मुद्दा है जिसे बदलने की जरूरत है।