tanushree dutta
इस याचिका में आरोपी और जांच अधिकारी के नार्को-विश्लेषण की भी मांग की गई है। साथ ही इस याचिका में अदालत से मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच को इस केस की जांच सौंपने का आग्रह किया गया है। पुलिस को जब आरोप पत्र दाखिल करने के लिए कोई सबूत नहीं मिलता तो वह अदालत के समक्ष 'बी-समरी' रिपोर्ट पेश करती है।