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मुंबई के कोरोना से बचकर ताहिर पहुंचे लद्दाख, याद आईं पापा के साथ बिताई छुट्टियां और बौद्ध मंदिर

Tue, 06 Apr 2021 02:36 PM IST
स्वाति सिंह अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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ताहिर राज भसीन - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
मध्य प्रदेश में अपनी नई वेब सीरीज की लंबे समय तक शूटिंग करने के बाद अभिनेता ताहिर राज भसीन अब लद्दाख पहुंच गए हैं। लद्दाख में इस सीरीज के कुछ बहुत ही दिसचस्प दृश्यों की शूटिंग होनी है। ताहिर की इस वेब सीरीज का नाम है ‘ये काली काली आंखें’ और इसमें वह सौरभ शुक्ला, अरुणोदय सिंह, ब्रजेंद्र काला, सूर्य शर्मा, आंचल सिंह आदि के साथ अपने चाहने वालों को चौंकाने की तैयारी कर रहे हैं।
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ताहिर राज भसीन - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
मुंबई में लगातार बढ़ते जा रहे कोरोना के मामलों के चलते शहर में चल रही शूटिंग पर भी असर पड़ा है। सोमवार को एक साथ आधा दर्जन से ज्यादा कलाकारों के संक्रमित होने से तमाम टीवी धारावाहिकों की शूटिंग भी इससे प्रभावित हुई। सिनेमाघर बंद होने से फिल्मों की रिलीज डेट भी बदल रही है। वहीं, अभिनेता ताहिर राज भसीन लद्दाख में शूटिंग करने पहुंच गए हैं। ताहिर अपनी वेब सीरीज के लिए करीब दो हफ्ते तक लद्दाख में मौजूद होंगे।
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ताहिर राज भसीन - फोटो : अमर उजाला, मुंबई टीम
लद्दाख पहुंचे ताहिर बताते हैं, “लद्दाख शूटिंग करने के लिए ख्वाबों की जगह है। अगले कुछ दिनों के दौरान ‘ये काली काली आंखें’ सीरीज की शूटिंग के सिलसिले में हम जिस तरह के दृश्यों को फिल्माने जा रहे हैं, उनकी विशालता और अहसास लद्दाख के पहाड़ों और ऊंचाइयों की अलौकिक सुंदरता में रचा-बसा हुआ है। मैं ‘लक्ष्य’, ‘जब तक है जान’ और ‘3 इडियट्स’’ जैसी फिल्में देख-देख कर बड़ा हुआ हूं, जिनमें लद्दाख की विशालता फिल्माई गई थी। मैं हमेशा से इस अनूठे इलाके में शूटिंग करना चाहता था।“

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ताहिर राज भसीन - फोटो : Instagram
ताहिर ने बरसों पहले लद्दाख की यात्रा की थी और उन छुट्टियों की यादें अब भी उनके मन में बसी हुई हैं। वह बताते हैं, “पिछली बार मैं 16 बरस की उम्र में लद्दाख आया था। मुझे अपने माता-पिता के साथ लंबी सैर पर निकलना और बौद्ध मंदिरों को करीब से देखना अच्छी तरह से याद है। मुझे यह भी याद है कि हम एक बेहद मनोरम यात्रा करते हुए पैंगॉन्ग्सो झील पहुंचे थे और मैंने अपने छोटे भाई के साथ बेहद लजीज ठुकपा और मोमोज का जायका चखा था। यहां बहुत ज्यादा ठंड पड़ती है और जोरों की हवा भी चलती है, इसलिए मैं इस बार कोई चांस नहीं लेना चाहता और सुरक्षा के ऐतबार से मैंने दो गर्म जैकेट रख लिए हैं।”
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ताहिर राज भसी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
कोरोना संक्रमण काल का ज्यादातर समय घर में ही बिताने वाले ताहिर कहते हैं, “मेरे मन में यात्रा करने का जुनून सवार रहता है। पिछले साल भर से शहर में कैद होकर रह जाने की वजह से देश के कोने-कोने में घूमने तथा उनकी खूबसूरती के विभिन्न रंग देखने की इच्छा ने और जोर पकड़ लिया है।”
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