सुशांत सिंह राजपूत, प्रियंका सिंह
वो आगे लिखती हैं, 'ऐसी हरकतें ना सिर्फ हमारी प्राइवेसी में दखल देती हैं बल्कि हमारे प्यारे सुशांत का नाम भी खराब करती हैं, लेकिन कुछ लोग इस तरह के काम कर रहे हैं। आखिर हम कैसे खुद को इंसान कह सकते हैं जब दूसरों से सहानुभूति नहीं रख सकते हैं। उन लोगों के लिए जो अमानवीय होने से खुश हैं, आपको कोर्ट में देखेंगे।'