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सीबीआई करेगी सुशांत केस की जांच, जानें रिया चक्रवर्ती सहित सभी पक्षों के वकीलों की अब तक की दलीलें

Wed, 19 Aug 2020 11:51 AM IST
anand anand एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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विकास सिंह, सुशांत और रिया चक्रवर्ती - फोटो : सोशल मीडिया
अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के फैंस और उनके परिवार के लिए बुधवार का दिन बेहद खास रहा। देश की शीर्ष अदालत ने उनकी मौत की सीबीआई से जांच करवाने के पक्ष में फैसला किया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती की याचिका को खारिज कर दिया है। रिया चक्रवर्ती ने सुप्रीम कोर्ट में दो याचिका दायर की थीं, जिसमें उन्होंने अपील की थी कि उनके खिलाफ पटना में दर्ज हुए मामले को मुंबई में ट्रांसफर किया जाए साथ ही फिलाहल सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच सीबीआई से न करवाई जाए। कोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया है। इस याचिका को लेकर बीते दिनों सभी पक्षों के वकील ने अपनी दलीलें भी कोर्ट में पेश की। हम आपको बताते हैं कि किस पक्ष के वकील ने क्या कहा। 
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सुशांत सिंह राजपूत, रिया चक्रवर्ती - फोटो : सोशल मीडिया
रिया चक्रवर्ती के वकील श्याम दीवान की दलील
अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती के वकील श्याम दीवान ने कोर्ट में अपनी दलील पेश करते हुए कहा था कि इस मामले का संबंध से कोई पटना से नहीं है। जब घटना मुंबई में हुई तो मामला पटना में दर्ज क्यों किया गया। पटना में एफआईआर दर्ज कराना कानूनी रूप से गलत है। घटना के 38 दिन बाद पटना में दर्ज की गई एफआईआर में पक्षपात होने का शक है, इसलिए इस मामले की जांच मुंबई पुलिस से करवाई चाहिए। वहीं पटना पुलिस एफआईआर दर्ज करने में हिचक रही थी लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और संजय झा के दबाव में आकर दर्ज की गई। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने श्याम दीवान से पूछा कि क्या आप चाहते हैं कि इस मामले की जांच सीबीआई करे ? इसके जवाब में श्याम दीवान ने कहा कि पहले इस मामले को मुंबई पुलिस करे, इसके बाद सीबीआई जांच की बात की जाएगी।
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सुशांत सिंह राजपूत, रिया चक्रवर्ती - फोटो : ट्विटर
महाराष्ट्र सरकार के वकील अभिषेक मनु सिंघवी की दलील
सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांत के मामले महाराष्ट्र सरकार के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने अपनी दलील में बिहार में एफआइआर दर्ज करने को गलत बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे करना संघीय ढांचे को खत्म करने की कोशिश है। एक ट्रांसफर याचिका को लेकर इतना हो हल्ला हमने अब तक नहीं देखा। सिंघवी ने अपनी दलील में कहा है कि बिहार में चुनाव होने वाले हैं इसलिए यह सब हो रहा है। सीबीआई जांच का आदेश हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट जा सकता है या जिस राज्य में यह घटना हुई है वह राज सरकार सीबीआई जांच की मांग कर सकती है। यहां यह भी सवाल है कि क्या एकल पीठ किसी भी मामले को एक राज्य से दूसरे राज्य में ट्रांसफर कर सकती है?

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सुशांत सिंह राजपूत, रिया चक्रवर्ती - फोटो : सोशल मीडिया
बिहार सरकार के वकील मनिंदर सिंह की दलील
बिहार सरकार के वकील मनिंदर सिंह ने अपनी दलील में कहा कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में पटना में एफआईआर दर्ज कराना जरूरी था। यह पता लगाने की जरूरत है कि उनकी हत्या हुई थी या उसने आत्महत्या की थी। इतने दिनों बाद भी मुंबई पुलिस ने कोई एफआईआर दर्ज नहीं की। राजनीतिक दबाव बिहार नहीं बल्कि महाराष्ट्र में है, इसी वजह से अब तक मुंबई में एफआईआर दर्ज नहीं हो पाई है। महाराष्ट्र सरकार आखिर क्या छुपाना चाह रही है? शुरुआती छानबीन के स्तर पर क्षेत्र अधिकार का मसला नहीं उठाया जा सकता। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती और रिपोर्ट सौंप नहीं दी जाती तब तक मुकदमे को ट्रांसफर की अर्जी दाखिल नहीं की जा सकती।
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सुशांत सिंह राजपूत, रिया चक्रवर्ती - फोटो : सोशल मीडिया
सुशांत सिंह राजपूत के पिता के वकील विकास सिंह की दलील
वकील विकास सिंह ने अपनी दलील रखते हुए कहा कि सुशांत सिहं राजपूत के पिता केके सिंह सिर्फ इस मामले में से ट्रायल चाहते हैं। उन्हें मुंबई पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है। मुंबई पुलिस जांच को दूसरी दिशा में ले जा रही है। मुंबई पुलिस सभी को समन भेज जा चुका है लेकिन संदिग्ध लोगों और आरोपियों को अब तक तलब नहीं किया है। रिया चक्रवर्ती ने सब कुछ कंट्रोल कर रखा था और मुंबई पुलिस ने अब तक उनसे पूछताछ नहीं की है। वहीं कोर्ट की सुनवाई में सुशांत सिहं राजपूत के पिता ने कहा कि अहम बात यह है कि मैंने अपना बेटा खोया है। सुशांत के गले पर निशान था और उनके बहन उनसे 10 मिनट की दूरी पर रहती थी लेकिन उनके घर पहुंचने से पहले ही रूम को खोला गया, बहन के आने तक का इंतजार नहीं किया गया था।
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रिया और शौविक चक्रवर्ती - फोटो : PTI
सीबीआई की ओर से सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता की दलील
सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता ने अभिनेता की मौत की जांच के मामले में महाराष्ट्र सरकार की गलत मंशा बताते हुए कहा था कि बिहार के एसपी विनय तिवारी को क्वारंटीन करने के बाद महाराष्ट्र सरकार ने अगले दिन तीन अगस्त को नियम में बदलाव कर दिया था ऐसा जांच में बाधित करने के लिए किया गया था। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि जांच में जुटी पुलिस अधिकारियों के लिए क्वारंटीन का नियम नहीं होना चाहिए। सीबीआई की ओर से पेश सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि रिया चक्रवर्ती इस मामले में पीड़िता हैं या आरोपी है या शिकायतकर्ता, यह हमें नहीं पता लेकिन रिया ने जिस दिन सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर की याचिका दायर की, उस वक्त उसके खिलाफ मुंबई में कोई भी मुकदमा लंबित नहीं था। मुंबई पुलिस के हलफनामे से लगता है कि वह मानकर चल रही है कि सुशांत सिंह राजपूत ने आत्महत्या की थी। आपको बता दें कि करीब तीन घंटे चली मैराथन सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने रिया चक्रवर्ती की ट्रांसफर याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा लिया है।

पढ़ें: Sushant Singh Rajput Case: रिया चक्रवर्ती की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला, सीबीआई करेगी जांच
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