रेमो डिसूजा
- फोटो : इंस्टाग्राम- रेमो डिसूजा
यह है पूरा मामला
इस मामले में 15 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार और गाजियाबाद के व्यवसायी सत्येन्द्र त्यागी को नोटिस जारी किया था। यह केस 2016 का है। उस समय सत्येंद्र ने रेमो के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई थी। एफआईआर के अनुसार, रेमो ने सत्येंद्र अपनी आगामी फिल्म 'अमर मस्ट डाई' में पांच करोड़ रुपये का निवेश करने के लिए मनाया था। इसके अलावा कोरियोग्राफर ने वादा किया था कि फिल्म के रिलीज होने के बाद निवेश की गई राशि को दोगुना कर दिया जाएगा। हालांकि, व्यवसायी का दावा है कि यह वादा नहीं निभाया गया। एफआईआर में भारतीय दंड संहिता की धाराओं 420 (धोखाधड़ी), 406 (आपराधिक विश्वासघात) और 386 (जबरन वसूली) के तहत आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा, एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब सत्येंद्र त्यागी ने अपनी राशि की मांग की तो रेमो ने उन्हें अंडरवर्ल्ड डॉन प्रसाद पुजारी के जरिए धमकी दिलवाई और उन्हें डराने की कोशिश की।