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अपने पिता और भाई पर सनी कौशल का खुलासा, अमर उजाला से बोले- 'फेल होना ठीक...'

Mon, 13 Jan 2020 06:46 AM IST
Mishra Mishra अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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Sunny Kaushal - फोटो : Amar Ujala, Mumbai
फिल्म 'भंगड़ा पा ले' के बाद अभिनेता सनी कौशल को अब मशहूर निर्देशक कबीर खान की महात्वाकांक्षी सीरीज 'द फॉरगॉटन आर्मी' में मौका मिला है। इस वेब सीरीज में कैप्टन सुरिंदर सिंह सोढ़ी का किरदार कर रहे सनी कौशल से एक खास बातचीत।

द फॉरगॉटेन आर्मी में आपका किरदार मशहूर जांबाजों कैप्टन प्रेम सहगल, कैप्टन गुरबक्श सिंह ढिल्लो और शाहनवाज खान की जिंदगियों पर आधारित है, आपने अपनी तरफ से इसमें क्या जोड़ा है?
हां, ये किरदार काल्पनिक है इसलिए मैं इसमें अपनी तरफ से कुछ भी कुछ जोड़ने के लिए स्वतंत्र रहा। मैंने इसके लिए कबीर सर की इसी मुद्दे पर बनाई हुई डॉक्यूमेंट्री भी देखी। मैंने अपने किरदार के बारे में उनसे विस्तार से बातचीत भी की। शारीरिक प्रशिक्षण में मैंने असली सैनिकों से बंदूक पकड़ने और चलाने की एक हफ्ते तक ट्रेनिंग ली। मैदान में युद्धाभ्यास भी किया।
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Sunny Kaushal - फोटो : Amar Ujala, Mumbai
आपके करियर में आपके पिता मशहूर स्टंट निर्देशक शाम कौशल और आपके भाई विकी कौशल का कितना योगदान रहा?
मैं और मेरा भाई विकी कभी पापा के सेट पर नहीं जाते थे। मेरे और विकी के करियर में उनका योगदान शून्य रहा है। हमारी यात्रा लगभग एक साथ ही शुरू हुई। विकी ने अपना कॉलेज खत्म किया और गैंग्स ऑफ वासेपुर में सहायक निर्देशक के रूप में काम करने लगा। मैं उस वक्त सीए कर रहा था। डेढ़ साल बाद मैंने भी अपना करियर इसी लाइन में शुरू किया और माई फ्रेंड पिंटो में सहायक निर्देशक के रूप में काम किया।
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Sunny Kaushal - फोटो : Amar Ujala, Mumbai
कबीर खान हिंदी सिनेमा के एक बड़े निर्देशक हैं। उनके साथ काम करके क्या-क्या सीखने को मिला?
मैं जब पहली बार उनके पास गया तो थोड़ा डरा हुआ था। उनके पास पहुंचकर इस सीरीज को लेकर उनका जुनून पता चला। उसके बाद तो घर जैसा माहौल हो गया। कभी भी जाकर कुछ भी पूछ सकते थे। किरदार को लेकर अगर कोई संदेह होता तो हम फोन करके ही पूछ लेते। उनके अंदर ये अभिमान बिल्कुल नहीं है कि वह एक बड़े फिल्म निर्देशक हैं।

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Sunny Kaushal - फोटो : Amar Ujala, Mumbai
करियर के पहले ऑडिशन की याद है अब आपको?
मुझे अच्छे से याद है। मैंने पहला ऑडिशन एक एंटी डैंड्रफ शैम्पू के लिए दिया था। उन दिनों मेरे बाल बढ़े हुए थे और उन्होंने मेरी फोटो देखकर मुझे बुलाया था। जिस दिन मुझे ऑडिशन के लिए जाना था, उसी दिन सुबह मैंने अपने बाल कटवा दिए। वो लोग मुझे देखकर चौंक गए और बोले कि फोटो में तो तुम्हारे बाल बड़े हैं। मैंने उन्हें बताया कि सर आज ही कटवाए हैं। उन्होंने मुझे सीन समझाया लेकिन मुझे समझ में ही नहीं आया। मैंने ऐसे ही ऑडिशन दे दिया और मैं फेल हो गया। लेकिन, मैंने शुरू से ठान रखा था कि फेल होना ठीक है, हिम्मत छोड़ देना ठीक नहीं है।
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भाई सनी कौशल के साथ विकी कौशल - फोटो : अमर उजाला, मुंबई टीम
तो फिर पहला ब्रेक कैसे मिला?
पहले ऑडिशन में फेल होने के बाद मुझे बताया गया कि मुझे एक्टिंग आती ही नहीं है। कुछ समय थिएटर कर लो। मैंने थिएटर करना शुरू किया और साथ ही ऑडिशन भी देता रहा। मुझे मेरा पहला काम एक इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान में सेल्समेन के रूप में एक्टिंग करने का मिला। मुझे उस विज्ञापन में एक छोटी सी बच्ची को देखकर मुस्कुराना था। इसके लिए मुझे आयकर की कटौती के बाद नौ हजार रूपये एक दिन के मिले। उससे पहले मैं फिल्म गुंडे में सहायक निर्देशक के रूप में काम कर रहा था तो मुझे महीने के नौ हजार हजार रूपये मिलते थे।

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