फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ये 8 सितारे भी राजनीति में दांव पर लगा चुके हैं किस्मत, कुछ हुए हिट तो कुछ फ्लॉप

Tue, 21 May 2019 06:53 PM IST
शिप्रा सक्सेना एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 8
Dharmedra, Vinod, Amitabh - फोटो : twitter
बॉलीवुड से राजनीति में कई सितारे आए। कुछ के हाथ सफलता लगी तो कुछ तमाम कोशिशों के बाद भी नई पारी में पैर नहीं जमा सके। ऐसा नहीं है कि फिल्मी सितारों ने राजनीति का रुख अभी किया। कई साल पहले से बड़े पर्दे पर अपनी एक्टिंग का दम दिखा चुके स्टार्स ने राजनीतिक का दामना थाम चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2019 से पहले आए एग्जिट पोल ने राजनीतिक पार्टियों के बीच तहलका मचा दिया है। एग्जिट पोल के मुताबिक भाजपा को बढ़त मिल रही है वहीं बाकी पार्टियां पिछड़ती हुई दिखीं। जानिए ऐसे कौन से स्टार्स हैं जो राजनीति में हिट और फ्लॉप रहे।  
विज्ञापन

2 of 8
Sunil Dutt - फोटो : twitter
80 के दशक में ही एक ऐसी राजनीतिक घटना हुई, जिसने फिल्मी दुनिया को भी प्रभावित किया। वो थी अक्टूबर, 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या। दिसंबर 1984 में चुनाव होने थे। राजीव गांधी ने अपने दोस्त और सुपरस्टार अमिताभ बच्चन और सुनील दत्त से चुनाव लड़ने के लिए कहा था। सुनील दत्त 1984 में चुनाव जीत गए और सांसद बनने के बाद 2005 में मरते दम तक कांग्रेस में ही रहे। सुनील दत्त उन चंद हिंदी फिल्मी सितारों में से थे जो केंद्र में मंत्री भी बने और बतौर राजनेता उनकी बहुत इज्जत थी। फिलहाल सुनील दत्त अब इस दुनिया में नहीं है हालांकि राजनीति में उनका सफर हिट रहा। 
विज्ञापन

3 of 8
Amitabh Bachchan - फोटो : twitter
1984 में सुपरस्टार अमिताभ बच्चन का इलाहाबाद से हेमवती नंदन बहुगुणा से चुनाव लड़ना उस समय की सबसे बड़ी खबर थी। राजनीति ने ऐसी करवट ली कि बोफोर्स घोटाले में नाम आने के बाद सांसद अमिताभ का राजनीति से मोह भंग हो गया और उन्होंने राजनीति छोड़ दी। साथ ही उनकी गांधी परिवार से दूरी भी बढ़ने लगी। बिग बी का राजनीति करियर फ्लॉप रहा। 

4 of 8
Rajesh Khanna - फोटो : file photo
1991 के चुनाव के समय अमिताभ फिल्मों और राजनीति दोनों से दूर हो चुके थे। उस समय राजीव गांधी ने राजेश खन्ना से नई दिल्ली में लालकृष्ण आडवाणी के खिलाफ लड़ने के लिए आग्रह किया। ये महज संयोग था कि कभी राजेश खन्ना और अमिताभ एक तरह से प्रतिदंद्वी ही थे और बच्चन के बाद कांग्रेस से राजेश खन्ना चुनाव लड़ रहे थे। 1991 के चुनाव में राजेश खन्ना आडवाणी से सिर्फ 1,589 वोटों से हारे थे। जब 1992 में उपचुनाव हुआ तो राजेश खन्ना फिर नई दिल्ली से लड़े।  राजेश खन्ना ने जल्दी ही राजनीति छोड़ दी और उनकी यह पारी फ्लॉप रही। 
विज्ञापन

5 of 8
Vinod Khanna - फोटो : twitter
पंजाबी परिवार से आने वाले विनोद खन्ना ने 1998 में गुरदासपुर, पंजाब से एक बाहरी होने के बावजूद लोकसभा चुनाव लड़ा। 2009 का चुनाव छोड़ दिया जाए तो अपनी दुनिया को अलविदा कहने तक वे वहां से सांसद रहे। साथ ही विदेश राज्य मंत्री भी बने। उनके रहते इलाके में कई ब्रिज बने और उन्हें 'सरदार ऑफ ब्रिज' भी कहा जाने लगा। जब विनोद खन्ना 1999 में भाजपा से चुनाव लड़ रहे थे तो उन्होंने हेमा मालिनी से उनके लिए प्रचार करने के लिए कहा। हेमा का राजनीति से कोई नाता नहीं था। उन्होंने शुरुआती उलझन के बाद विनोद खन्ना के लिए प्रचार किया था। विनोद खन्ना सुनील दत्त की तरह की राजनीति में मजबूत पकड़ थी।
विज्ञापन

6 of 8
कांग्रेस के चुनाव कार्यालय में मौजूद प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर - फोटो : अमर उजाला
फतेहपुर सीकरी सीट से चुनाव मैदान में कांग्रेस के टिकट पर राज बब्बर हैं। राज बब्बर का मुकाबला भाजपा के राजकुमार चाहर से है। राज बब्बर इस सीट पर वर्ष 2009 में मामूली मतों से हारे थे। राज बब्बर  राजनीति में कई साल से सक्रिय है और उनका नाम हिट नेता में आता है।
विज्ञापन

7 of 8
शत्रुघ्न सिन्हा - फोटो : PTI
भाजपा से कांग्रेस में शामिल हुए शत्रुघ्न सिन्हा इस बार पटना साहिब से चुनाव लड़ रहे हैं। शत्रुघ्न का मुकाबला भाजपा के रविशंकर प्रसाद से है। शत्रुघ्न राजनीति में साल 2009 से सक्रिय है। शत्रुघ्न को फायर ब्रिगेड नेता भी कहा जाता है। पहले शत्रुघ्न सिन्हा भाजपा में थे लेकिन लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने कांग्रेस पार्टी ज्वाइन की। शत्रुघ्न को राजनीति में सफल नेता के तौर पर देखा जाता है। 
विज्ञापन

8 of 8
Dharmendra and Govinda - फोटो : twitter
राजनीति में विफलता की इबारत लिखने वाले भी कई हैं। धर्मेंद्र जो बीकानेर से सांसद बने लेकिन बाद में नाराज लोगों ने 'हमारा सांसद गुमशुदा है' के पोस्टर लगाए। फिल्मस्टार गोविंदा की राजनीतिक पारी भी फ्लॉप साबित हुई हालांकि उन्होंने राम नाईक को हराया था। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें